नकली दवाइयों से लेकर हर तरह की ठगी से बचाएगा ये मोबाइल ऐप
हर साल दुनिया भर में नकली और पाइरेट किए गए सामानों के आयात की लागत लगभग 50,000 करोड़ रुपए की होती है। इस समस्या से निजात पाने के
लिए शोधकर्ताओं ने एक ऐसा स्मार्टफोन ऐप बनाया है जो 100% सटीकता से नकली वस्तुओं का पता लगा सकता है।
यह ऐप दवाइयों से लेकर कार के पार्ट तक हर वस्तु की प्रामाणिकता बताने में सक्षम है। हर साल सिर्फ मेडिसिन इंडस्ट्री को ही जाली दवाइयों की वजह से लगभग
20,000 करोड़ रुपए का नुकसान होता है।
ये हमारे स्वास्थ्य के लिए खतरनाक भी है, इन जाली दवाइयों में एक तिहाई दवाइयां ऐसी भी हैं जिनमे कोई सक्रिय सामग्री नहीं होती। नकली दवाइयों की वजह
से हर रोज हजारों लोगों की मौत हो जाती है।
स्मार्टफोन के माध्यम से असली व जाली सामान पहचानने में मदद करेगी।
ब्रिटेन के लैनकास्टर विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं का मानना है कि नई क्वांटम तकनीक विकसित होने से हम एक ऐसे भविष्य के करीब हैं जहां हम नकली
वस्तुओं के खिलाफ हो रही लड़ाई से निजात पा लेंगे।
शोधकर्ताओं ने ग्राफीन जैसे दो आयामी (2D) सामग्री में पाये जाने वाले अनियमितताओं के आधार पर एक अनूठी परमाणु पैमाने की पहचान विकसित की है जो
जालसाजी तकनीक असंभव कर देगा।
यह नई तकनीक स्मार्टफोन के माध्यम से असली व जाली सामान पहचानने में मदद करेगी। जिससे आम नागरिक भी सामान की प्रामाणिकता अपने फोन से ही
जांच सकेगा।