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हरियाणा के लिए मिसाल है ये गांव : हर घर में शौचालय, सभी गलियां पक्की
यूनुस अलवी/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Wed, 06 Apr 2016 01:10 PM IST
सार
- स्कूल में कई तरह की सुविधाएं मुहैया कराने के लिए लोगों ने करीब 30 लाख खर्च किए
- गांव के हर घर में शौचालय है, सभी गलियां पक्की हैं, लड़कियों के लिए सिलाई सेंटर भी
- समाजसेवी एसएस संधू ने अपनी ओर से मस्जिद का निर्माण कराकर मिसाल कायम की
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विस्तार
अरावली पर्वत श्रंखलाओं की वादी में बसा करीब 1200 की आबादी वाला गांव बीवां मॉडल गांव है। गांव को मॉडल बनाने में सरकार का कोई हाथ नहीं है, बल्कि गांव के समाजसेवी एसएस संधू की कड़ी मेहनत के चलते गांव में वे सभी सुविधाएं मौजूद हैं, जो एक सरकारी आदर्श गांव में भी शायद न हों।
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गांव के हर घर में शौचालय है। गांव की सभी गलियां पक्की हैं। गांव में लड़कियों के लिए सिलाई सेंटर है। गांव में एक खूबसूरत मस्जिद है जिसे समाजसेवी एसएस संधू ने अपनी ओर से करीब 70 लाख रुपये की लागत से बनवाया है।
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हर घर के सामने सोकता (सोकपिट) गड्ढा है, जिसमें घरों ने निकलने वाला गंदा पानी रास्तों में बहने की बजाय जमीन के अंदर चला जाता है। गांव के लोगों के लिए स्वच्छ पानी भी है।
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गांव में प्राइमरी स्कूल है। यह स्कूल इतना खूबसूरत है कि शायद ही प्रदेश के किसी गांव में देखने को मिले। इस स्कूल को खूबसूरत और सभी सुविधाओं से लैस सरकार ने नहीं बनाया, बल्कि गांव के लोगों के सहयोग से इसे खूबसूरत बनाया गया है। स्कूल के अंदर करीब 15 कमरे हैं। सभी कमरों में दो-दो पंखे हैं। स्कूल के लिए बिजली विभाग से बिजली नहीं दी जाती, बल्कि सोलर लाइट का इंतजाम किया गया है।
मिड-डे-मील बनाने के लिए यहां लकड़ियों का इस्तेमाल नहीं होता, बल्कि रसोई गैस से खाना बनता है। स्कूल में लड़के और लड़कियों के अलग से शौचालय तो हैं ही, साथ ही विकलांगों के लिए भी अलग से शौचालय है। स्कूल के बच्चों को कंप्यूटर सिखाने का भी इंतजाम किया हुआ है। गांव के लोगों ने स्कूल में सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए करीब 30 लाख रुपये खर्च किए हैं।