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मानसिक रोगियों को दवा व जगाने में मदद करेगा ऐप
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 29 Nov 2016 10:10 AM IST
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मानसिक रोगियों की मदद के लिए एम्स के मनोचिकित्सा विभाग की ओर से एक मोबाइल ऐप तैयार किया जा रहा है। यह ऐप मरीजों और उनके तीमारदारों को दवा से लेकर दूसरी जरूरतों में मदद करेगा।
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इसकी खासियत यह होगी कि यदि मरीज ऐप में फीड दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करेगा, तो इसकी सूचना तुरंत तीमारदार तक पहुंच जाएगी। इसके बाद तीमारदार उसकी मदद कर सकेगा।
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के मनोचिकित्सा विभाग में इलाज के लिए आए मरीजों पर एक सर्वे किया गया, जिसमें देखा गया कि करीब 88 फीसदी मरीज मोबाइल इस्तेमाल करते हैं।
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इसके बाद विभाग ने यह निर्णय लिया कि मरीज की जरूरतों को पूरा करने में मोबाइल ऐप मददगार साबित हो सकता है। इसे देखते हुए एम्स की ओर से इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी दिल्ली के साथ मिलकर ऐप विकसित किया जा रहा है।
मनोचिकित्सा विभाग की प्रोफेसर डॉ. ममता सूद ने बताया कि ऐप में मरीज की जरूरतों के हिसाब से चार तरह की चीजों को फीड किया जा रहा है। मरीज को जगाने के लिए, दवा खिलाने के लिए, बीमारी से संबंधित दूसरी जानकारी देने में ऐप मददगार होगा।
यह मरीज को सुबह जगाएगा, यदि ऐप के बार-बार निर्देश देने के बाद भी मरीज नहीं जागता, तो इसकी सूचना तीमारदार तक पहुंच जाएगी। साथ ही मोबाइल ऐप के सॉफ्टवेयर में भी फीड हो जाएगा। ऐप में किस-किस तरह की सुविधा होगी, इसके लिए एक प्रोटोकॉल तैयार कर लिया गया है।
एक अध्ययन के मुताबिक, भारत में करीब दो फीसदी लोग गंभीर मानसिक बीमारियों से पीड़ित हैं, जबकि पांच से 10 फीसदी लोग मानसिक रोग से पीड़ित हैं। बीमारियों के वैश्विक बोझ में मानसिक बीमारी का प्रतिशत करीब 7.4 फीसदी है।