केमिकल अटैक में भी इस कार में आप सुरक्षित
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ऑडी के पवेलियन में एक कार ऐसी भी है, जिसे हर कोई नहीं देख सकता। इसे देखने के लिए भी एप्वाइंटमेंट लेना पड़ता है। तकरीबन 9 करोड़ रुपये की ऑडी ए8एल सिक्योरिटी को एक केबिन में छिपाकर रखा गया है। यह गाड़ी बुलेटप्रूफ है।
आम बंदूक से लेकर स्नाइपर राइफल से दागी गई गोली भी इसे भेद नहीं सकती। इसके टायर भी गोली झेल लेते हैं। इसके दरवाजों में ग्रेनेड लगे हैं, ताकि गाड़ी लॉक हो जाने पर दरवाजे को उड़ाया जा सके।
अगर केमिकल अटैक हो जाए तो इसमें शुद्ध ऑक्सीजन का इंतजाम है। 12 सिलेंडर वाली यह गाड़ी 4 बाई 4 की है। अगर गाड़ी कहीं फंस गई तो इसके सेंसर अपने आप महसूस कर लेते हैं कि किस टायर को ज्यादा पावर चाहिए।
दरवाजों में लगे हैं ग्रेनेड बटन
आग लग जाए तो इसमें पानी का फव्वारा अपने आप चल जाता है। पीछे की सीटों में मसाजिंग मशीन लगी हुई है। सेटेलाइट फोन की सुविधा है। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि यह गाड़ी उन लोगों के लिए है जो खतरों के साये में रहते हैं।
उन्होंने बताया कि जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल इस गाड़ी में सफर करती हैं। इस गाड़ी का सिक्योरिटी लेवल वीआर 9 है, जो सबसे ऊपर है।
आपात स्थिति में गाड़ी लॉक हो गई और दरवाजा नहीं खोल पा रहे हैं, तो एक बटन से गाड़ी के दरवाजे को बॉडी से अलग कर सकते हैं। दरवाजों में ग्रेनेड लगे हैं जो बटन दबाते ही उसे तोड़ देते हैं। धमाका इतना जबरदस्त नहीं होता कि किसी को नुकसान पहुंचे, मगर 160 किलो का दरवाजा टूटकर गिर जाता है।
160 किलो का एक दरवाजा, फिट हैं ग्रेनेड
200KM तक दौड़ेगी टायर में गोली लगे तब भी
12 सिलेंडर
सड़क के मुताबिक आकार बदलेगा टायर
टायर के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को अब काफी हद तक कम किया जा सकेगा। ऑटो एक्सपो में भविष्य की तकनीक पर आधारित ऐसे टायर पेश किए गए जो सड़क के मुताबिक अपना आकार बदलकर कार की परफोरमेंस को बनाए रखेगा।
एक टायर ऐसा भी है जो वाहन के चलते वक्त पैदा होने वाली हीट को इलेक्ट्रिसिटी में तबदील कर देगा। इसकी बिजली से इलेक्ट्रिक व्हीकल की बैटरी चार्ज होती रहेगी।
दरअसल, यमुना एक्सप्रेसवे जैसी सड़कों पर तेज स्पीड के कारण टायर भी हादसे की वजह बन रहे हैं। ऐसे में टायर बनाने वाली कंपनी भी नई तकनीक का इस्तेमाल कर हर स्तर पर बेहतर उत्पात बनाने के प्रयास में हैं।
ऑटो एक्सपो में कारों की चकाचौंध के बीच गुड ईयर कंपनी ने अपने दो कंसेप्ट टायर पेश किए। बिजली भी बनाएगाः बीएच-03 की बनावट और थर्मो एंड पायजो इलेक्ट्रिक स्ट्रेक्चर टायर चलते वक्त निकलने वाली गर्मी को बिजली में बदल सकेगा, जिससे न सिर्फ टायर का तापमान नियंत्रित रहेगा बल्कि इसकी गर्मी से बनने वाली बिजली को बैटरी में सप्लाई कर उसे चार्ज किया जा सकेगा। (स्टोरी : अमित त्यागी )
स्पोर्टी ड्राइसिंग में मददगार
ट्रिपल ट्यूब नाम के टायर में ट्यूब तीन तरह के आकार बदलने की क्षमता के साथ टायर को उसी के मुताबिक आकार देती है। सख्त सड़कों पर ट्यूब चौड़ाई में फैल कर कठोरता के मुताबिक हवा के दबाव का वितरत कर सकती है।
ढाल के मुताबिक ट्यूब एक ओर फैल का आकार बदलती है, जो स्पोर्टी ड्राइविंग में मददगार है। हवा के उच्च दबाव में ट्यूब गोलाई में फैलकर आकार बदलकर गीली सड़कों पर ड्राइविंग में मददगार होगी।
मौसम के अनुसार बदलेगा तापमान
इसका कूलिंग सिस्टम तापमान में जरूरत के मुताबिक बदलाव करने में समक्ष है। आने वाले समय में हाईब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ये परफेक्ट होगा।
चावल की भूसी से बनायाः कंपनी ने चावल की भूसी से बनने वाले सिलिका का इस्तेमाल टायर बनाने में किया है। ये बेहद सख्त और मजबूत होता है जो रबर के साथ मिलकर ऐसा कंपाउंड तैयार करता है जो टायर की शक्ति बढ़ा देता है।
इससे बने टायर चलते वक्त पैदा होने वाले प्रतिरोध को कम कर देते हैं। कंपनी पेसेंजर व्हीकल टायर में भी इस कंपाउंड का इस्तेमाल कर टायर तैयार करेगी।