{"_id":"6a734f9089d597685e09cae7","slug":"they-used-to-commit-fraud-by-running-an-illegal-call-center-under-the-guise-of-a-company-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-149282-2026-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: कंपनी की आड़ में अवैध कॉल सेंटर चलाकर करते थे ठगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: कंपनी की आड़ में अवैध कॉल सेंटर चलाकर करते थे ठगी
विज्ञापन
- द्वारका पुलिस ने छह साइबर जालसाजों को किया गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। द्वारका पुलिस ने निवेश की कंपनी की आड़ में कॉल सेंटर चलाकर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के छह सदस्य इंदौर, मध्यप्रदेश निवासी सुमित सिंह चौधरी (23), राहुल सिंह (32), अश्विनी कुमार (35), महेश सिंह (32), पीयूष राठौर (27) और रविंदर सिंह चौहान (24) को इंदौर, मध्यप्रदेश से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से 28 सीपीयू, 25 मोबाइल, 2 वाई-फ़ाई राउटर, 1 डीवीआर और 1 ऑडियो-कम-वीडियो रिकॉर्डिंग कैमरा बरामद किया है। बरामद सीपीयू में हजारों निवेशकों का पर्सनल और फाइनेंशियल डेटा वाली 1400 से ज्यादा स्प्रेडशीट मिलीं है।
द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त कुशलपाल सिंह ने बताया कि आरोपियों ने उत्तम नगर के पीड़ित से स्टॉक और फॉरेक्स मार्केट में ट्रेडिंग के बहाने 17.3 लाख ठग लिए थे। कई राज्यों से साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें जुड़ी हैं, जिनमें कुल 54.70 लाख रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी शामिल है। पुलिस उपायुक्त सिंह ने बताया कि पीड़ित ने 5 जुलाई, 2026 को साइबर धोखाधड़ी के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात लोगों ने उन्हें पहले भारतीय शेयर बाजार में एक नकली ऑनलाइन प्लेटफार्म पर ट्रेड करने के लिए उकसाया ताकि उनका भरोसा जीता जा सके, और उसके बाद फॉरेक्स बाज़ार में ट्रेड करने के लिए कहा। वहां उन्हें नकली मुनाफा दिखाया गया और बार-बार पैसे जमा करने के लिए मनाया गया। जब शिकायतकर्ता ने अपनी निवेश की गई रकम और दिखाया गया मुनाफा निकालना चाहा, तो आरोपियों ने झूठे बहाने बनाए और ट्रेडिंग में नुकसान होने की झूठी बात कही। इसके बाद पीड़ित को ठगी को एहसास हुआ। मामला दर्ज कर साइबर थानाध्यक्ष संदीप तुशीर की टीम ने शिकायतकर्ता से संपर्क करने के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण शुरू किया तो उनकी लोकेशन इंदौर, मध्य प्रदेश में ट्रेस की गई। पुलिस टीम ने इंदौर में चल रहे कॉल सेंटर का पर्दाफाश और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपियों को इंदौर की कोर्ट में पेश करने के बाद दिल्ली लाया गया।
सभी आरोपियों को काम बंटा हुआ था
सुमित सिंह चौधरी उस कॉल सेंटर में कॉलर के तौर पर काम कर रहा था। वह पीड़ितों से संपर्क करके उन्हें ज्यादा मुनाफे का झूठा वादा देकर फर्जी इन्वेस्टमेंट प्लेटफार्म पर ट्रेड करने के लिए लुभाता था। राहुल सिंह कॉल सेंटर में कॉलर के तौर पर काम करता था। अश्विनी कुमार कॉल सेंटर में टीम लीडर था। उसके पास से वह फोन बरामद हुआ जिससे शिकायतकर्ता से शुरुआती संपर्क किया था। महेश सिंह भी उस कॉल सेंटर में टीम लीडर था। पीयूष कॉल सेंटर में कॉलर के तौर पर काम करता था। रविंदर सिंह उस कॉल सेंटर में कॉलर के तौर पर काम करता था। गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वे सभी पिछले 2-4 महीनों से इस अवैध कॉल सेंटर में 10,000 से 14,500 रुपये प्रति माह की सैलरी पर काम कर रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। द्वारका पुलिस ने निवेश की कंपनी की आड़ में कॉल सेंटर चलाकर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के छह सदस्य इंदौर, मध्यप्रदेश निवासी सुमित सिंह चौधरी (23), राहुल सिंह (32), अश्विनी कुमार (35), महेश सिंह (32), पीयूष राठौर (27) और रविंदर सिंह चौहान (24) को इंदौर, मध्यप्रदेश से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से 28 सीपीयू, 25 मोबाइल, 2 वाई-फ़ाई राउटर, 1 डीवीआर और 1 ऑडियो-कम-वीडियो रिकॉर्डिंग कैमरा बरामद किया है। बरामद सीपीयू में हजारों निवेशकों का पर्सनल और फाइनेंशियल डेटा वाली 1400 से ज्यादा स्प्रेडशीट मिलीं है।
द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त कुशलपाल सिंह ने बताया कि आरोपियों ने उत्तम नगर के पीड़ित से स्टॉक और फॉरेक्स मार्केट में ट्रेडिंग के बहाने 17.3 लाख ठग लिए थे। कई राज्यों से साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें जुड़ी हैं, जिनमें कुल 54.70 लाख रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी शामिल है। पुलिस उपायुक्त सिंह ने बताया कि पीड़ित ने 5 जुलाई, 2026 को साइबर धोखाधड़ी के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात लोगों ने उन्हें पहले भारतीय शेयर बाजार में एक नकली ऑनलाइन प्लेटफार्म पर ट्रेड करने के लिए उकसाया ताकि उनका भरोसा जीता जा सके, और उसके बाद फॉरेक्स बाज़ार में ट्रेड करने के लिए कहा। वहां उन्हें नकली मुनाफा दिखाया गया और बार-बार पैसे जमा करने के लिए मनाया गया। जब शिकायतकर्ता ने अपनी निवेश की गई रकम और दिखाया गया मुनाफा निकालना चाहा, तो आरोपियों ने झूठे बहाने बनाए और ट्रेडिंग में नुकसान होने की झूठी बात कही। इसके बाद पीड़ित को ठगी को एहसास हुआ। मामला दर्ज कर साइबर थानाध्यक्ष संदीप तुशीर की टीम ने शिकायतकर्ता से संपर्क करने के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण शुरू किया तो उनकी लोकेशन इंदौर, मध्य प्रदेश में ट्रेस की गई। पुलिस टीम ने इंदौर में चल रहे कॉल सेंटर का पर्दाफाश और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपियों को इंदौर की कोर्ट में पेश करने के बाद दिल्ली लाया गया।
विज्ञापन
सभी आरोपियों को काम बंटा हुआ था
सुमित सिंह चौधरी उस कॉल सेंटर में कॉलर के तौर पर काम कर रहा था। वह पीड़ितों से संपर्क करके उन्हें ज्यादा मुनाफे का झूठा वादा देकर फर्जी इन्वेस्टमेंट प्लेटफार्म पर ट्रेड करने के लिए लुभाता था। राहुल सिंह कॉल सेंटर में कॉलर के तौर पर काम करता था। अश्विनी कुमार कॉल सेंटर में टीम लीडर था। उसके पास से वह फोन बरामद हुआ जिससे शिकायतकर्ता से शुरुआती संपर्क किया था। महेश सिंह भी उस कॉल सेंटर में टीम लीडर था। पीयूष कॉल सेंटर में कॉलर के तौर पर काम करता था। रविंदर सिंह उस कॉल सेंटर में कॉलर के तौर पर काम करता था। गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वे सभी पिछले 2-4 महीनों से इस अवैध कॉल सेंटर में 10,000 से 14,500 रुपये प्रति माह की सैलरी पर काम कर रहे थे।
विज्ञापन