इनकी मुहब्बत बनी है प्यार करने वालों के लिए मिसाल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्यार हर बंधन से मुक्त होता है, कोई भी अड़चन इसके रास्ते की रुकावट नहीं बन सकती। इसका उदाहरण जिले के दो युगल जोड़ों ने दिया है। एचआईवी संक्रमित दो जोड़ों ने एचआईवी एवं एड्स प्रोजेक्ट की नोडल अधिकारी डॉ. बीना शर्मा से फोन पर संपर्क किया है।
दोनों जोड़ों ने शादी करने की इच्छा जाहिर की है। इसके लिए ये जोड़े चाहते हैं कि उनके परिजनों को उनके स्वास्थ्य की जानकारी अधिकारी दें और साथ ही उनकी शादी के लिए भी समझाए।
इस पर नोडल अधिकारी ने फोन करने वाले जोड़ों को मिलने के लिए बुलाया है। पहले उनके साथ एक काउंसलिंग सेशन होगा। इसके बाद परिजनों को बुलाया जाएगा।
मुहब्बत इसी का नाम है
दोनों जोड़ों की जांच एम्स अस्पताल स्थित आईसीटीसी (इंटीग्रेटेड काउंसलिंग एंड ट्रेनिंग सेंटर) में हुई थी। उनका इलाज चल रहा है। काउंसलर ने बताया कि इनमें से एक युवती दूसरे जिले से आई है। यह युवती विधवा है।
इस पीड़िता के साथ जो शादी करना चाहता है वह नवंबर माह में जांच के लिए आया था। तबसे ये दोनों एक-दूसरे को जानते हैं। हाल ही में युवक ने युवती से शादी की इच्छा जाहिर की।
जबकि दूसरा जोड़ा (युवक और युवती नोएडा में अपना व्यवसाय कर रहे हैं) अपने परिजनों को एचआईवी पॉजिटिव की जानकारी देना चाहता है। इसके साथ ही शादी के लिए राजी करवाने में विभाग की सहायता चाहता है।
दोनों की कहानी बनेगी मिसाल
नोडल अधिकारी डॉ. बीना शर्मा ने बताया कि दोनों जोड़ों के परिजनों को मार्च में बुलाया गया है। उन्हें समझाया जाएगा कि इस तरह की शादी में क्या दिक्कत आ सकती है। परिजनों को मनाने में हर संभव प्रयास होगा। यह एक बहुत अच्छी पहल है। दोनों एक दूसरे की पीड़ा समझेंगे।
दंपति को हो सकेगी संतान
काउंसलर ने बताया कि इस तरह शादी करने वाले दंपत्ति टेस्ट ट्यूब एवं सेरोगेसी की सहायता से संतान सुख प्राप्त कर सकते हैं। दोनों ही पद्धतियों को अपनाने से पूर्व शिशु को वायरस मुक्त करने की प्रक्रिया की जाएगी। इसमें करीब 10 से 15 लाख रुपये तक का खर्च आएगा।