फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   There is no compulsion to appoint a person from any particular community as the chairperson of the Minority Commission: High Court

अल्पसंख्यक आयोग में चेयरपर्सन के लिए किसी विशेष समुदाय से व्यक्ति नियुक्त करने की बाध्यता नहीं : हाईकोर्ट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 29 Oct 2025 08:03 PM IST
विज्ञापन
अल्पसंख्यक आयोग के चेयरपर्सन पद पर अन्य समुदायों की नियुक्ति की मांग खारिज
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (एनसीएम) के चेयरपर्सन के रूप में मुस्लिम और सिख के अलावा अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के सदस्यों की नियुक्ति की मांग करने वाली याचिका को खारिज कर दिया। मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ ने याचिकाकर्ता को इस मुद्दे पर सरकार के पास प्रतिवेदन देने का अवसर देते हुए कहा कि एनसीएम एक्ट में आयोग में अल्पसंख्यक समुदायों के सदस्यों को शामिल करने का प्रावधान है, लेकिन चेयरपर्सन के लिए किसी विशेष समुदाय से व्यक्ति नियुक्त करने की बाध्यता नहीं है।


पीठ ने कहा कि एक्ट की धारा तीन में केवल यह प्रावधान है कि आयोग में एक चेयरपर्सन, वाइस चेयरपर्सन और पांच सदस्य होंगे। एक्ट में यह नहीं कहा गया कि आयोग में सभी अल्पसंख्यक समुदायों के सदस्य होने चाहिए। प्रावधान केवल यह है कि चेयरपर्सन सहित पांच सदस्य अल्पसंख्यक समुदायों में से होंगे।
विज्ञापन

इसमें यह नहीं कहा गया कि सदस्य या चेयरपर्सन किसी विशेष अल्पसंख्यक समुदाय से होना चाहिए। कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि याचिकाकर्ता इस मुद्दे पर प्रतिवेदन देता है तो उसे विचार में लिया जाए। याचिका में दावा किया गया था कि अब तक नियुक्त 16 चेयरपर्सनों में से 14 मुस्लिम और दो सिख रहे हैं। ईसाई, बौद्ध, पारसी और जैन जैसे अन्य अल्पसंख्यक समुदायों का कोई प्रतिनिधित्व नहीं हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed