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विश्व बदल रहा है, हम नए युग में प्रवेश कर रहे हैं : राम माधव
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डीयू में आरएसएस के राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य ने कहा अर्थव्यवस्था और तकनीक की है नई शताब्दी
नई दिल्ली। विश्व बदल रहा है, हम नए युग में प्रवेश कर रहे हैं। नई शताब्दी अर्थव्यवस्था और तकनीक की है। यह युग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है। यह बातें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य राम माधव ने द न्यू वल्र्ड-21 सेंचुरी ग्लोबल ऑर्डर एंड इंडिया पुस्तक पर आयोजित एक व्याख्यान में कही। वह इस पुस्तक के लेखक भी हैं।
डीयू एवं संस्था जिज्ञासा के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस व्याख्यान में बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने कहा कि हम चौथे औद्योगिक क्रांति के युग में प्रवेश कर रहे हैं। आज वर्चुअल क्लासरूम का युग आ चुका है। आने वाले समय में रोबोट पढ़ाएंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने की। उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बहुत सी चीजें बुरी हुई तो कुछ अच्छी चीजें भी हुई। कुलपति ने कहा कि लेखक ने इस पुस्तक में वैश्विक परिदृश्य के साथ भारत की व्यवस्था एवं विकसित भारत पर बहुत ही व्यापक तरीके से विश्लेषण किया है। उन्होंने ब्रांड भारत बनाने पर ज़ोर देते हुए उसके तरीकों का भी वर्णन किया है। कार्यक्रम में डीयू दक्षिणी परिसर की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी, डीन ऑफ कॉलेजेज़ प्रो बलराम पाणी, रजिस्ट्रार डॉ. विकास गुप्ता, संस्था जिज्ञासा की ओर से राज कुमार भाटिया समेत कई प्रिंसिपल, शिक्षक व छात्र उपस्थित रहे। ब्यूरो
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नई दिल्ली। विश्व बदल रहा है, हम नए युग में प्रवेश कर रहे हैं। नई शताब्दी अर्थव्यवस्था और तकनीक की है। यह युग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है। यह बातें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य राम माधव ने द न्यू वल्र्ड-21 सेंचुरी ग्लोबल ऑर्डर एंड इंडिया पुस्तक पर आयोजित एक व्याख्यान में कही। वह इस पुस्तक के लेखक भी हैं।
डीयू एवं संस्था जिज्ञासा के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस व्याख्यान में बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने कहा कि हम चौथे औद्योगिक क्रांति के युग में प्रवेश कर रहे हैं। आज वर्चुअल क्लासरूम का युग आ चुका है। आने वाले समय में रोबोट पढ़ाएंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने की। उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बहुत सी चीजें बुरी हुई तो कुछ अच्छी चीजें भी हुई। कुलपति ने कहा कि लेखक ने इस पुस्तक में वैश्विक परिदृश्य के साथ भारत की व्यवस्था एवं विकसित भारत पर बहुत ही व्यापक तरीके से विश्लेषण किया है। उन्होंने ब्रांड भारत बनाने पर ज़ोर देते हुए उसके तरीकों का भी वर्णन किया है। कार्यक्रम में डीयू दक्षिणी परिसर की निदेशक प्रो. रजनी अब्बी, डीन ऑफ कॉलेजेज़ प्रो बलराम पाणी, रजिस्ट्रार डॉ. विकास गुप्ता, संस्था जिज्ञासा की ओर से राज कुमार भाटिया समेत कई प्रिंसिपल, शिक्षक व छात्र उपस्थित रहे। ब्यूरो
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