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छठ पर नाले के पानी में देना होगा अर्घ्य

Sat, 14 Nov 2015 10:26 AM IST
कुशाग्र मिश्रा/अमर उजाला, वैशाली
कुशाग्र मिश्रा/अमर उजाला, वैशाली Updated Sat, 14 Nov 2015 10:26 AM IST
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The water will drain chhath arghya.

छठ पर सूर्य को अर्घ्य देने के लिए हिंडन में पानी नहीं है और न ही छठ से पहले पानी आने की उम्मीद है। टीएचए में दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं की आस्था पर हिंडन नदी में पानी का संकट है।

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हिंडन नदी में गंगनहर का पानी नहीं छोड़ने की स्थिति में नालों का पानी ही है। ज्यादातर नदी और नहर सूखी पड़ी हैं।  

हर वर्ष छठ से पहले गंगनहर से हिंडन नदी में पानी छोड़ा जाता है। मुजफ्फरनगर के खतौली और बागपत के जानी बलैनी से हिंडन नदी में गंगनहर का पानी छोड़ा जाता था।
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इससे छठ के दौरान श्रद्धालु नदी और नहर के पानी में खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य दे सकें लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो पाएगा। गंगनहर से पानी नहीं छोड़े जाने की स्थिति में हिंडन में थोड़ा बहुत नालों का पानी ही है।
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सिंचाई विभाग हिंडन नदी में पानी की व्यवस्था करने की बात कर रहा है लेकिन इसकी उम्मीद न के बराबर है। सिंचाई विभाग के अवर अभियंता देवेश कुमार ने बताया कि छठ के लिए पानी की व्यवस्था की जा रही है, जिससे श्रद्धालुओं को परेशानी नहीं हो।


एलिवेटेड रोड  का निर्माण है कारण 
हॉट सिटी में इस वक्त एलिवेटेड रोड और हिंडन पर चौथे पुल का निर्माण चल रहा है। जिसके चलते हिंडन नदी में पानी रोका गया है।

एलिवेटेड रोड के पिलर बनाने का काम जारी है, जिसके लिए हिंडन नहर में पिंचिंग का काम किया गया और फिर ड्रिल करके पोल बनाए जा रहे हैं।

नाले के पानी से हो सकता है त्वचा रोग
जल बिरादरी के सदस्य विक्रांत शर्मा ने बताया कि हिंडन में गंगनहर का पानी नहीं है, ऐसे में वहां सिर्फ नालों का ही पानी है, जिसमें खतरनाक केमिकल हैं।

जिसे छूने से ही त्वचा रोग हो सकता है। इस पानी में खड़ा होना खतरनाक होगा। उन्होंने बताया कि बच्चों को इस पानी से दूर रखने की जरूरत है।

इंदिरा प्रियदर्शिनी झील है विकल्प
अगर हिंडन मेें पानी नहीं है तो अर्थला स्थित इंदिरा प्रियदर्शिनी पार्क की झील विकल्प हो सकती है, दुर्गा पूजा विसर्जन के दौरान भी इस झील का प्रयोग किया गया था।

ऐसे में श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को देखते ही भी झील बेहतर विकल्प हो सकती है। इसके साथ ही पानी के टैंकरों और कृत्रिम घाट भी विकल्प हो सकते हैं।

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