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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   The wait for pending salaries of health workers at the closed Mohalla Clinic will end.

Delhi NCR News: बंद मोहल्ला क्लीनिक स्वास्थ्यकर्मियों के लंबित वेतन का इंतजार होगा खत्म

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 31 Jan 2026 07:00 PM IST
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-स्टेट एएएमसी सेल को भी जल्द किया जा सकता है बंद
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नई दिल्ली। दिल्ली में बंद मोहल्ला क्लीनिक स्वास्थ्यकर्मियों के लंबित वेतन का इंतजार खत्म होगा। मोहल्ला क्लीनिकों से संबंधित सभी लंबित भुगतानों के निपटान के निर्देश जारी कर दिए हैं। इस संबंध में स्टेट एएएमसी सेल ने सभी जिलों को ई-मेल करके सूचना जारी की है। मोहल्ला क्लीनिकों के विभिन्न जिलों में किराया, पानी के शुल्क, बिजली बिल, आकस्मिक व्यय, सफाई सेवाएं, इंटरनेट शुल्क और सूचीबद्ध डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के लंबित पारिश्रमिक जैसे कई भुगतान अभी भी बकाया है, जबकि इन मोहल्ला क्लीनिकों का अंतिम कार्य दिवस पहले ही समाप्त हो चुका है।

सिर्फ 64 मोहल्ला क्लीनिक हो रहे संचालित

सभी को निर्देश हैं कि वह अपने अधिकार क्षेत्र में बंद मोहल्ला क्लीनिकों से संबंधित सभी बकाया और लंबित भुगतान 20 फरवरी 2026 को या उससे पहले अनिवार्य रूप से निपटा दें। अगर निर्धारित तारीख के बाद बकाया राशि का भुगतान न करने या भुगतान में देरी होने की जिम्मेदारी और जवाबदेही संबंधित जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी की होगी। इसके अलावा यह भी सूचित किया जाता है कि राज्य एएएमसी सेल को शीघ्र ही बंद किया जा सकता है। दिल्ली में 489 मोहल्ला क्लीनिक बंद किए जा चुके है। वर्तमान में 64 मोहल्ला क्लीनिकों का संचालन हो रहा है।
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आम आदमी मोहल्ला क्लीनिक यूनियन के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार ने कहा कि दिल्ली में मोहल्ला क्लीनिकों के बंद होने से 1036 स्वास्थ्यकर्मी बेरोजगार और सैकड़ों क्लीनिक बंद किए चुके है। कई कर्मचारियों को पिछले दो महीनों से वेतन नहीं मिला है। जबकि कुछ कर्मचारियों की तीन महीनों से अधिक समय से वेतन भुगतान लंबित है। सभी डॉक्टरों को टर्मिनेशन लेटर दे दिए गए हैं। जिससे डॉक्टरों सहित पूरा स्टाफ बेरोजगार है। पिछले वर्ष 16 मई को जनता दरबार में सभी मोहल्ला क्लीनिक कर्मचारियों को आयुष्मान आरोग्य मंदिर में समायोजित करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन वर्तमान हालात में ऐसा होता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है। कई कर्मचारियों को उम्र अधिक होने के कारण इंटरव्यू में बैठने से रोक दिया गया। वहीं कई फार्मासिस्टों को 12वीं में गणित विषय होने के आधार पर इंटरव्यू से बाहर कर दिया गया।
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