शहर के तापमान में आई कमी, धुंध ने दी दस्तक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर में सुबह से ही धुंध की चादर छाई रही। दोपहर में भी धुंध छंटी नहीं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक तापमान में कमी, नमी में प्रदूषण के कणों का फंस जाना और हवा का न चलना धुंध की वजह है। हर साल सर्दी में कोहरे से पहले इस तरह का मौसम होता है।
शनिवार को शहर का अधिकतम तापमान 29 डिग्री के करीब रिकॉर्ड किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान गिरकर 15 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया। धुंध से सूर्य के ज्यादा दर्शन न होने से दिन में भी लोगों को ठंड का अहसास हुआ। शाम को हल्की हवा चली।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. रंजीत सिंह ने बताया कि प्रदूषण वातावरण में बढ़ता जा रहा है लेकिन हवा चलने और तापमान के अधिक होने से यह वातावरण में बिखरा रहा है और दिखाई नहीं देता।
लेकिन इस समय जो मौसम है, उसमें प्रदूषण के कण नमी में इकट्ठा होकर नीचे आ जाते हैं और दिखाई देते हैं। उन्होंने बताया कि कोहरा शुरू होने से पहले धुंध होती है।
अस्थमा रोगियों के लिए आफत का मौसम
धुंध में दृश्यता एक किलोमीटर से अधिक होती है लेकिन कोहरे में एक किलोमीटर से कम। आने वाले दिनों में ऐसा ही मौसम बना रहने का आसार है। तीन नवंबर को दिल्ली एनसीआर में बारिश के कम आसार हैं लेकिन तापमान में और गिरावट की संभावना है।
श्वसन रोग विशेषज्ञों के मुताबिक इन दिनों का मौसम अस्थमा रोगियों के लिए आफत है। मेट्रो अस्पताल के रेस्पाइरेट्री विभाग के चेयरमैन डॉ. दीपक तलवार ने बताया कि धुंध के कारण अस्थमा समेत सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित रोगियों की तकलीफ बढ़ जाती है।
डॉक्टरों का कहना है कि धुंध आंखों में जलन पैदा करती है इसलिए आंखों की देखभाल करें। आंखों को ठंडे पानी से धोते रहे। ठंड में दिल और ब्लड प्रेशर के रोगी गुनगुने पानी से नहाएं। खानपान का विशेष ध्यान रखें।