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बिजली का नहीं मिल रहा फायदा, नमाज के दौरान भी बिजली रहती है गुल
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Thu, 09 Jun 2016 01:14 AM IST
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बिजली
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रमजान के महीने में बिजली निगम की ओर से जारी किए गए घरेलू फीडरों पर 24 घंटे बिजली मुहैया कराने के शेडयूल का फायदा सभी ग्रामीणों को नही मिल पा रहा है।
खंड के दो दर्जन से अधिक गांवों में घरेलू फीडरों की सप्लाई नहीं पहुंच पाई है। इसके कारण घरेलू उपभोक्ता कृषि फीडरों से जुडे हुए हैं। जिन्हें कृषि शेडयूल के अनुसार मात्र 5-6 घंटे बिजली मिल रही है। हालांकि निगम ने सभी गांवों में घरेलू फीडरों की लाइन खींची हुई है।
काबिलेगोर है की तावडू खंड के करीब 65 गांवों के घरेलू उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली मुहैया कराने के लिए वर्ष 2009 में 6 घरेलू फीडर सिलखो, रानियाकी, बेरी, सालाका, राठीवास व बिस्सर में लाइन खींची गई थी।
ग्रामीणों को उस समय उम्मीद जगी थी कि घरेलू फीडरों के चालू होने के बाद उन्हें पर्याप्त बिजली मिलने लगेगी। लेकिन निगम की अनदेखी के कारण बहुत से गांवों में फीडरों के चालू होने के 6 साल बाद भी घरेलू बिजली नहीं पहुंच पाई है।
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दादू के हाजी उसमान, समसूदीन नम्बरदार, इसराइल नम्बरदार, निशार, पूर्व सरपंच सद्दीक, पूर्व सरपंच पप्पू , पूर्व सरपंच अब्दुल हमीद, खलील अहमद, खान मोहम्मद, मुबारिक ने बताया कि उनके गांवों में घरेलू बिजली की लाइन खींची हुई है।
लेकिन बिजली आज तक चालू नहीं है, जिसकी वजह से ग्रामीण उपभोक्ता कृषि फीडरों से जुड़े हैं और ग्रामीणों को कृषि फीडरों के तहत मात्र 5-6 घंटे बिजली मिल रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि सुबह शहरी के वक्त बिजली गुल रहती है। जिसकी वजह से रोजेदारों को अंधेरे में खाना पीना करना पड़ रहा है। रात के समय नमाज के समय भी बिजली के दर्शन नहीं हो पाते हैं।
परेशान ग्रामीणों ने बिजली विभाग व जिला प्रशासन से रमजान के महीने में पर्याप्त बिजली मुहैया कराने की मांग की है। ताकि क्षेत्र के मुस्लिम लोगों को शहरी व इफतयारी व नमाज पढ़ने के दौरान किसी तरह की जहमत न उठानी पडे़।
जब इस बारे में उपमंडल अधिकारी तावडू से बात की गई तो उन्होंने बताया कि कुछ गांवों में घरेलू बिजली चालू नहीं है। जिन गांवों में घरेलू फीडर चालू नहीं है, उन्हें चालू करने का प्रयाय किया जा रहा है।
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खंड के दो दर्जन से अधिक गांवों में घरेलू फीडरों की सप्लाई नहीं पहुंच पाई है। इसके कारण घरेलू उपभोक्ता कृषि फीडरों से जुडे हुए हैं। जिन्हें कृषि शेडयूल के अनुसार मात्र 5-6 घंटे बिजली मिल रही है। हालांकि निगम ने सभी गांवों में घरेलू फीडरों की लाइन खींची हुई है।
काबिलेगोर है की तावडू खंड के करीब 65 गांवों के घरेलू उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली मुहैया कराने के लिए वर्ष 2009 में 6 घरेलू फीडर सिलखो, रानियाकी, बेरी, सालाका, राठीवास व बिस्सर में लाइन खींची गई थी।
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ग्रामीणों को उस समय उम्मीद जगी थी कि घरेलू फीडरों के चालू होने के बाद उन्हें पर्याप्त बिजली मिलने लगेगी। लेकिन निगम की अनदेखी के कारण बहुत से गांवों में फीडरों के चालू होने के 6 साल बाद भी घरेलू बिजली नहीं पहुंच पाई है।
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दादू के हाजी उसमान, समसूदीन नम्बरदार, इसराइल नम्बरदार, निशार, पूर्व सरपंच सद्दीक, पूर्व सरपंच पप्पू , पूर्व सरपंच अब्दुल हमीद, खलील अहमद, खान मोहम्मद, मुबारिक ने बताया कि उनके गांवों में घरेलू बिजली की लाइन खींची हुई है।
लेकिन बिजली आज तक चालू नहीं है, जिसकी वजह से ग्रामीण उपभोक्ता कृषि फीडरों से जुड़े हैं और ग्रामीणों को कृषि फीडरों के तहत मात्र 5-6 घंटे बिजली मिल रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि सुबह शहरी के वक्त बिजली गुल रहती है। जिसकी वजह से रोजेदारों को अंधेरे में खाना पीना करना पड़ रहा है। रात के समय नमाज के समय भी बिजली के दर्शन नहीं हो पाते हैं।
परेशान ग्रामीणों ने बिजली विभाग व जिला प्रशासन से रमजान के महीने में पर्याप्त बिजली मुहैया कराने की मांग की है। ताकि क्षेत्र के मुस्लिम लोगों को शहरी व इफतयारी व नमाज पढ़ने के दौरान किसी तरह की जहमत न उठानी पडे़।
जब इस बारे में उपमंडल अधिकारी तावडू से बात की गई तो उन्होंने बताया कि कुछ गांवों में घरेलू बिजली चालू नहीं है। जिन गांवों में घरेलू फीडर चालू नहीं है, उन्हें चालू करने का प्रयाय किया जा रहा है।