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बारिश होने से स्वाइन फ्लू का खतरा बढ़ा
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sun, 08 Mar 2015 01:41 AM IST
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गर्मी बढ़ने से स्वाइन फ्लू पर नियंत्रण की उम्मीद लगाए स्वास्थ्य अफसरों को शनिवार को झटका लगा। हल्की बूंदाबांदी और मौसम के ठंडा होने से तापमान में एकाएक आई गिरावट से स्वाइन फ्लू का वायरस फिर सक्रिय हो सकता है।
बता दें कि स्वाइन फ्लू का वायरस कम तापमान में ज्यादा तेजी से सक्रिय होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार 20 डिग्री से कम तापमान पर वायरस की सक्रियता सबसे ज्यादा होती है।
25 डिग्री तापमान पर इसका संक्रमण धीमा पड़ जाता है, जबकि 30 डिग्री के पार तापमान पहुंचने से संक्रमण होने की उम्मीद न के बराबर रहती है।
शनिवार को स्वाइन फ्लू के तीन संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए गए। प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों में अभी भी स्वाइन फ्लू से मिलते जुलते लक्षणों के करीब सौ से अधिक मरीज प्रतिदिन आ रहे हैं।
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शुक्रवार को भी नोएडा के दो स्वाइन फ्लू मरीजों को दवा दी गई। डीएमओ जीके मिश्रा ने बताया कि हालांकि मरीजों के आने की संख्या में गिरावट आई है लेकिन बारिश के बाद खतरा बढ़ा है इसलिए अभी भी सावधानी रखने की जरूरत है।
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बता दें कि स्वाइन फ्लू का वायरस कम तापमान में ज्यादा तेजी से सक्रिय होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार 20 डिग्री से कम तापमान पर वायरस की सक्रियता सबसे ज्यादा होती है।
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25 डिग्री तापमान पर इसका संक्रमण धीमा पड़ जाता है, जबकि 30 डिग्री के पार तापमान पहुंचने से संक्रमण होने की उम्मीद न के बराबर रहती है।
शनिवार को स्वाइन फ्लू के तीन संदिग्ध मरीजों के सैंपल लिए गए। प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों में अभी भी स्वाइन फ्लू से मिलते जुलते लक्षणों के करीब सौ से अधिक मरीज प्रतिदिन आ रहे हैं।
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शुक्रवार को भी नोएडा के दो स्वाइन फ्लू मरीजों को दवा दी गई। डीएमओ जीके मिश्रा ने बताया कि हालांकि मरीजों के आने की संख्या में गिरावट आई है लेकिन बारिश के बाद खतरा बढ़ा है इसलिए अभी भी सावधानी रखने की जरूरत है।