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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   The police are keeping a close watch on digital leads regarding the protests.

Delhi NCR News: प्रदर्शन में पुलिस डिजिटल सुरागों पर रख रही पैनी नजर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jul 2026 09:18 PM IST
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डिजिटल नेटवर्क के सहारे फैली हिंसा, पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा के तार अब गहरे होते जा रहे हैं। पुलिस इस मामले में साजिश के पहलुओं को उजागर करने के लिए डिजिटल सुरागों की गहनता से जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित संसद मार्च के दौरान उपद्रवियों ने हिंसा की साजिश पहले से ही तैयार कर ली थी, जिसमें हिंसा से पहले और बाद के संचार की रणनीति भी शामिल थी।
विशेष मैसेजिंग ऐप का खुलासा
जांच में पता चला है कि प्रदर्शनकारियों में शामिल कुछ असामाजिक तत्वों ने हिंसा के दौरान एक-दूसरे से संवाद करने के लिए एक विशेष मैसेजिंग एप्लिकेशन का इस्तेमाल किया। यह एप इस तरह से डिजाइन किया था कि इसकी भनक सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस को नहीं लगी। यह खुलासा मामले की गंभीरता को और बढ़ा देता है, क्योंकि यह सुनियोजित साजिश की ओर इशारा करता है।
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ब्लूटूथ-आधारित एप कैसे काम करता है
यह एप्लिकेशन ब्लूटूथ तकनीक पर आधारित है। प्रदर्शनकारियों ने संसद मार्च के दौरान पुलिस पर हमले के दौरान आपस में संपर्क बनाए रखने के लिए इसी ब्लूटूथ-आधारित एप का इस्तेमाल किया। इस एप की सबसे खास बात ये है कि यह इंटरनेट कनेक्शन के बिना भी काम करता है।
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जांच का दायरा और वायरल वीडियो
पुलिस की वर्तमान जांच का मुख्य केंद्र प्रदर्शनकारियों के बीच संचार के तरीकों पर है। अब तक की जांच में यह भी सामने आया है कि भीड़ जुटाने के लिए व्हाट्सएप समूहों का इस्तेमाल किया गया था, लेकिन जब इंटरनेट बंद था, तब आपस में संवाद के लिए ब्लूटूथ एप का सहारा लिया गया। पुलिस हिंसा से पहले और बाद, दोनों ही अवधियों की गहन जांच कर रही है। इसके अलावा, पुलिस के पास लगभग डेढ़ सौ वायरल वीडियो भी हैं, जिनके माध्यम से हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। विशेष रूप से, इन वायरल वीडियो की मदद से पुलिस पत्थरबाजों और सुरक्षा कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
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