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बिना टेंडर दिए गए पार्किंग के छह ठेके होंगे कैंसल
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Mon, 22 Jun 2015 08:49 PM IST
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पार्किंग ठेकों को लेकर नगर निगम में अफसर और पार्षद आमने-सामने आ गए हैं। अब महापौर ने भी पार्षदों का समर्थन कर बिना टेंडर दिए गए छह पार्किंग ठेकों को कैंसल करने के निर्देश दिए हैं।
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महापौर ने उस पार्किंग समिति के अस्तित्व पर भी वैधानिकता की मुहर लगा दी, जिसे निगम अधिकारी मानने से इनकार कर रहे हैं।
सोमवार को पार्षद कक्ष में पार्षदों से मुलाकात के दौरान कहा कि पार्किंग ठेकों में पारदर्शिता लाई जाएगी और निगम हित के पार्किंग समिति के सुझाव पर अमल भी किया जाएगा।
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महापौर तेलूराम कांबोज सोमवार को लंबे समय बाद अपने कार्यालय में बैठे। थोड़ी ही देर बाद वह पार्षदों से मिलने उनके कक्ष में चले गए। महापौर ने कहा कि कुछ अधिकारियों ने मनमानी शुरू कर दी है।
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पार्किंग समिति के उन सुझावों को तो अधिकारियों ने मान लिया जो उनके हित में थे, लेकिन निरीक्षण कराकर रिपोर्ट देने को कहा तो नगर आयुक्त ने समिति के अस्तित्व पर ही सवाल उठा दिए।
महापौर ने कहा कि बिना टेंडर दिए गए ठेकों की वैधानिकता नहीं है। उन्हें कार्यकारिणी समिति की बैठक में निरस्त किया जाएगा और नए सिरे से टेंडर होंगे।
इन पार्किंग ठेकों पर समिति ने उठाए सवाल
आप्यूलेंट मॉल, यशोदा अस्पताल नेहरू नगर, आराधना सिनेमा से बार्डर, कलक्ट्रेट के बाहर, पैसिफिक मॉल, नरेंद्र मोहन अस्पताल के बाहर
सरकार के आदेशों को भी नहीं मान रहे निगम अधिकारी
यूपी सरकार के आदेशों के मुताबिक नगर निकाय ऐसे स्थानों पर पार्किंग ठेके छोड़ सकता है जहां वाहनों के खड़े होने के लिए पर्याप्त स्थान हो। पार्किंग स्थलों पर वाहन चालकों के लिए बैठने, पीने के पानी की सुविधा होनी चाहिए।
इन स्थलों पर ठेकेदार का नाम, मोबाइल नंबर, पार्किंग शुल्क की दरें भी लिखी होनी चाहिए। लेकिन महानगर में दो-चार पार्किंग स्टैंड के अलावा सभी सड़कों के किनारे चलाए जा रहे हैं।