रियो ओलंपिक में गोल्ड मेडल है योगेश्वर दत्त का अगला लक्ष्य
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ओलंपिक पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त ने कहा है कि 2016 में रियो ओलंपिक उनका अंतिम ओलंपिक होगा। इसमें स्वर्ण पदक जीतने में वह कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
इसके लिए उन्होंने तैयारी तेज कर दी है। हालांकि, उन्होंनें खेलों से सन्यास लेने का कोई इरादा अभी नहीं बनाया है। एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों में उनका जलवा देखने को मिल सकता है।
योगेश्वर दत्त मंगलवार को सेक्टर-12 खेल परिसर में वैश्य समाज की ओर से आयोजित रन फॉर स्ट्रैंथ में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे। उन्होंने ‘अमर उजाला’ से बातचीत में बताया कि रियो ओलंपिक में वह अपने कुश्ती करियर का अंत पदक के साथ करना चाहते हैं।
उनका लक्ष्य स्वर्ण पदक रहेगा। उन्होंने बताया कि उनके घुटने में लगी चोट पूरी तरह से ठीक हो गई है। प्रोफेशनल कुश्ती लीग के जरिए वह ओलंपिक की तैयारी कर रहे हैं।
'प्रोफेशनल कुश्ती लीग अच्छा मंच'
इस लीग में मल्टीनेशनल कंपनियों ने बहुत ही चुनिंदा पहलवान मैदान में उतारे हैं, जिनके साथ खेलने में बहुत मजा भी आया और बहुत कुछ सीखने को मिला है।
मॉस्को में रियो के ओलंपिक के लिए शिविर का आयोजन होगा, जिसमें देश-विदेश से पहलवान हिस्सा लेंगे। प्रोफेशनल कुश्ती लीग के बारे में उन्होंने बताया कि यह एक अच्छा मंच है।
लीग शुरू होने से कुश्ती को बहुत बढ़ावा मिल रहा है। गांव के युवा पहलवानों को यह मंच ओलंपिक का रास्ता दिखा रहा है। इस मौके पर बॉक्सर दिनेश सांगवान भी मौजूद रहे।