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Delhi NCR News: गुरु पूर्णिमा पर आईजीएनसीए में गूंजा गुरु-शिष्य परंपरा का संदेश
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नई दिल्ली। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) के कलाकोश विभाग ने प्रतिष्ठा दिवस के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा, गुरु-शिष्य संबंध और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किया।
समवेत सभागार में आयोजित समारोह के अध्यक्ष राम बहादुर राय कहा कि गुरु पूर्णिमा पर स्वयं से ईमानदार प्रश्न करना ही सच्ची साधना है। यह आयोजन अब राष्ट्रीय उपनिषद का स्वरूप ले चुका है, जहां ज्ञान परंपरा पर गंभीर मंथन होता है। डॉ. जोशी ने कहा कि सूचना अनेक स्रोतों से मिल सकती है, लेकिन सही दिशा का बोध केवल गुरु ही करा सकता है।
इस अवसर पर वेदोद्धारक स्वामी दयानन्द, रिलिजियो कल्चरल सर्वे ऑफ फिफ्टी वन शक्तिपीठाज (दो खंड), शुक्लयजुर्वेदमाध्यन्दिन मालापाठ व शोध पत्रिका कलाकल्प के गुरु पूर्णिमा विशेषांक का लोकार्पण किया गया। संस्कार सुधीर देसाई की शोधपरक फिल्म अष्टनायिका का प्रदर्शन भी हुआ। मुख्य अतिथि डॉ. सरिता पाठक यजुर्वेदी व सारस्वत अतिथि प्रो. ओमनाथ बिमली रहे, जबकि सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी भी उपस्थित रहे। संवाद
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समवेत सभागार में आयोजित समारोह के अध्यक्ष राम बहादुर राय कहा कि गुरु पूर्णिमा पर स्वयं से ईमानदार प्रश्न करना ही सच्ची साधना है। यह आयोजन अब राष्ट्रीय उपनिषद का स्वरूप ले चुका है, जहां ज्ञान परंपरा पर गंभीर मंथन होता है। डॉ. जोशी ने कहा कि सूचना अनेक स्रोतों से मिल सकती है, लेकिन सही दिशा का बोध केवल गुरु ही करा सकता है।
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इस अवसर पर वेदोद्धारक स्वामी दयानन्द, रिलिजियो कल्चरल सर्वे ऑफ फिफ्टी वन शक्तिपीठाज (दो खंड), शुक्लयजुर्वेदमाध्यन्दिन मालापाठ व शोध पत्रिका कलाकल्प के गुरु पूर्णिमा विशेषांक का लोकार्पण किया गया। संस्कार सुधीर देसाई की शोधपरक फिल्म अष्टनायिका का प्रदर्शन भी हुआ। मुख्य अतिथि डॉ. सरिता पाठक यजुर्वेदी व सारस्वत अतिथि प्रो. ओमनाथ बिमली रहे, जबकि सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी भी उपस्थित रहे। संवाद
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