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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   The lives of hundreds of students were put at risk after the plea for police protection was rejected.

Delhi NCR News: पुलिस की सुरक्षा की गुहार ठुकराकर खतरे में डाली गईं सैकड़ों छात्रों की जानें

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 03 Aug 2026 08:41 PM IST
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- मीटिंग में नहीं आए, स्वयंसेवक भी नहीं लगाए, पुलिस गुहार लगाती रह गई
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। काकराेच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान चलो संसद मार्च से पहले सीजेपी प्रतिनिधि न तो दिल्ली पुलिस की बैठकों में गए और न ही किसी बैठक में शामिल हुए। इतना ही नहीं सीजेपी ने प्रदर्शन व मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए स्पीकर भी नहीं लगाए। पुलिस ने संसद मार्च की अनुमति नहीं दी थी, फिर भी संसद मार्च हुआ। प्रदर्शन में आपराधिक प्रवृति के लोगों को रोकने के लिए कदम उठाने को कहा गया.. दिल्ली पुलिस सीजेपी प्रतिनिधियों से इस तरह के तमाम सुरक्षा कदम उठाने की गुहार लगाती रही, मगर कुछ भी नहीं किया गया। ऐसे में ये कहना आसान है कि सीजेपी ने प्रदर्शनकारी छात्रों की जान खतरे में डाली।
इसकी पुष्टि इससे भी होती है कि सीजेपी के 20 जुलाई को आयोजित संसद चलो प्रदर्शन मार्च से एक दिन पहले जंतर-मंतर पर बनाया गया एक वीडियो अब सामने आया है। इस वीडियो में दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी आयोजकों से पर्याप्त भीड़ नियंत्रण व्यवस्था करने की अपील करते नजर आ रहे हैं। वायरल वीडियो में नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा, संयुक्त पुलिस आयुक्त दीपक पुरोहित और सीजेपी प्रतिनिधि सौरव दास तथा अन्य सदस्यों के बीच बातचीत दिखाई गई है। वीडियो में पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन स्थल पर स्वयंसेवकों की कमी को लेकर चिंता जताई। अधिकारियों ने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त स्वयंसेवकों की तैनाती की जानी चाहिए।
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एक अधिकारी को आयोजकों को भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए स्वयंसेवक लगाने की सलाह देते हुए सुना जा सकता है। पुलिस के अनुसार, अधिकारियों ने बार-बार आयोजकों को आगाह किया था कि यदि भीड़ प्रबंधन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई तो प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ने पर स्थिति संभालना मुश्किल हो सकता है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पुलिस ने सीजेपी से संपर्क कर भीड़ को नियंत्रित करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा था। सीजेपी का संसद चलो मार्च बाद में हिंसक हो गया था, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों और कई महिला पुलिसकर्मियों सहित 118 पुलिसकर्मी तथा करीब 60 प्रदर्शनकारी घायल हुए थे।
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