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हाथरस: वामदलों ने केंद्र की चुप्पी पर उठाए सवाल
Sat, 03 Oct 2020 06:32 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Sat, 03 Oct 2020 06:32 PM IST
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सीताराम येचुरी (फाइल फोटो)
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हाथरस की दिवंगत दुष्कर्म पीड़िता के हक में जंतर मंतर पर चल रहे प्रदर्शन में वामदलों के नेताओं ने भी शिकरत की। सीपीआई (एम) महासचिव सीताराम येचुरी, पोलित ब्यूरो सदस्य बृंदा करात, सीपीआई महासचिव डी. राजा समेत दूसरे नेताओं ने पीड़िता को इंसाफ दिलाने की मांग की। वाम नेताओं ने केंद्र सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। साथ ही यूपी के मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की।
सीताराम येचुरी ने कहा कि हाथरस जैसे जघन्य अपराध में केंद्र सरकार व भाजपा के शीर्ष नेताओं की चुप्पी और यूपी सरकार की वारदात को दबाने की कोशिश सत्ताधारी पार्टी के अलोकतांत्रिक चेहरे, चाल, चरित्र व चिंतन पर परदा उठा देता है। यूपी सरकार को अब सत्ता में रहने का काई अधिकार नहीं है।
दूसरी तरफ बृंदा करात ने कहा कि यूपी में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। वहां संविधान से नहीं, जाति के आधार पर शासन चल रहा है। यूपी सरकार आज कह रही है कि पीड़िता के दुष्कर्म ही नहीं हुआ। उन्होंने सवाल किया कि क्या यही भाजपा की संस्कृति है? यूपी सरकार ने पीड़िता के परिवार को घर में ही बंधक बना रखा है।
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जबकि डी. राजा ने कहा कि आम लोग गुस्से में हैं। हमारी मांग है कि यूपी के मुख्यमंत्री को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। साथ ही यूपी पुलिस की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। जब से भाजपा यूपी में सत्ता में आई है, महिलाओं व दलितों के खिलाफ अपराधों में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है।
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सीताराम येचुरी ने कहा कि हाथरस जैसे जघन्य अपराध में केंद्र सरकार व भाजपा के शीर्ष नेताओं की चुप्पी और यूपी सरकार की वारदात को दबाने की कोशिश सत्ताधारी पार्टी के अलोकतांत्रिक चेहरे, चाल, चरित्र व चिंतन पर परदा उठा देता है। यूपी सरकार को अब सत्ता में रहने का काई अधिकार नहीं है।
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दूसरी तरफ बृंदा करात ने कहा कि यूपी में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। वहां संविधान से नहीं, जाति के आधार पर शासन चल रहा है। यूपी सरकार आज कह रही है कि पीड़िता के दुष्कर्म ही नहीं हुआ। उन्होंने सवाल किया कि क्या यही भाजपा की संस्कृति है? यूपी सरकार ने पीड़िता के परिवार को घर में ही बंधक बना रखा है।
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जबकि डी. राजा ने कहा कि आम लोग गुस्से में हैं। हमारी मांग है कि यूपी के मुख्यमंत्री को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। साथ ही यूपी पुलिस की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। जब से भाजपा यूपी में सत्ता में आई है, महिलाओं व दलितों के खिलाफ अपराधों में तेजी से बढ़ोत्तरी हुई है।