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विश्व पुस्तक मेला का आखिरी दिन आज , 50 फीसदी हो सकता है डिस्काउंट
यशलोक सिंह/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 15 Jan 2017 11:04 AM IST
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विश्व पुस्तक मेले में जुटी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
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प्रगति मैदान में पुस्तक मेले के आखिरी दिन रिकॉर्ड भीड़ जुटने की उम्मीद है। सप्ताह के बीच की सुस्ती शनिवार को टूट गई। इस दौरान करीब दो लाख लोगों ने मेले में दस्तक दी। पहले से कमर कस चुके प्रमुख प्रकाशकों व वितरकों ने जबरदस्त बिक्री की।
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जिन पुस्तक स्टॉलों पर डिजिटल पेमेंट की व्यवस्था नहीं थी वे भी पुस्तक प्रेेमियों की संख्या से संतुष्ट दिखे। रविवार को पुस्तक मेले के अंतिम दिन प्रकाशक और वितरक ग्राहकों को लुभाने के लिए 50 फीसदी से भी ऊपर डिस्काउंट दे सकते हैं।
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शनिवार को पुस्तक प्रेमियों को रिझाने के लिए प्रकाशक और वितरकों ने 30 से 50 फीसदी तक छूट दी। दलित साहित्य के प्रकाशकों को भी बेहतर रिस्पांस मिल रहा है।
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150 किताबों का विमोचन, कई विदेशी पब्लिशर भी पहुंचे
बुक फेयर में जातीं लड़कियां।
- फोटो : अमर उजाला
न्याय एवं सामाजिक अधिकारिता मंत्रालय की ओर से लगाए गए डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन के स्टॉल पर शाम पांच बजे तक संपूर्ण अंबेडकर वांगमय (18 खंड) की 300 प्रतियां बिक गईं। स्टॉल पर मौजूद जगदीश प्रसाद भारती ने बताया कि पिछली बार समस्त खंड न मौजूद होने के कारण बिक्री नहीं हुई थी।
इस बार प्रतियां ही नहीं बची। किताबघर प्रकाशक ने बताया कि 200 से 300 ग्राहक प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। वाग्देवी प्रकाशन के मकबूल खान ने बताया कि आवेदन के बावजूद किऑस्क मशीन नहीं मिल सकी इसलिए वे डिजिटल पेमेंट का विकल्प नहीं उपलब्ध करा सके।
इससे उन्हें फर्क पड़ा है। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अधिकारी नरेंद्र ने बताया कि सप्ताह के बीच में थोड़ी सुस्ती आई थी। 90 हजार से एक लाख तक लोग आ रहे थे। शनिवार को यह संख्या 2 लाख तक पहुंच गई। मेले में इस बार करीब 150 किताबों का विमोचन किया गया है। कई विदेशी प्रकाशकों ने भी इसमें दस्तक दी है।
इस बार प्रतियां ही नहीं बची। किताबघर प्रकाशक ने बताया कि 200 से 300 ग्राहक प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। वाग्देवी प्रकाशन के मकबूल खान ने बताया कि आवेदन के बावजूद किऑस्क मशीन नहीं मिल सकी इसलिए वे डिजिटल पेमेंट का विकल्प नहीं उपलब्ध करा सके।
इससे उन्हें फर्क पड़ा है। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अधिकारी नरेंद्र ने बताया कि सप्ताह के बीच में थोड़ी सुस्ती आई थी। 90 हजार से एक लाख तक लोग आ रहे थे। शनिवार को यह संख्या 2 लाख तक पहुंच गई। मेले में इस बार करीब 150 किताबों का विमोचन किया गया है। कई विदेशी प्रकाशकों ने भी इसमें दस्तक दी है।