अपहरणकर्ताओं का दावा, मलयेशिया में रिहा किया छात्र
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मलयेशिया में नोएडा के एमबीए छात्र के अपहरण के पांचवें दिन अपहरणकर्ताओं ने छात्र को रिहा करने का दावा किया है।
परिजनों का कहना है कि अब तक कुल साढ़े पांच लाख रुपए लेने के बाद शुक्रवार सुबह अपहरणकर्ता ने फोन कर उन्हें बताया कि ललित को रिहा कर दिया गया।
मगर खबर लिखे जाने तक न तो ललित ने अपने परिजनों से संपर्क किया और न ही वापस लौटने की कोई बात सामने आ सकी। वहीं, नोएडा पुलिस भी पूरी तरह से गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय की जांच पर निर्भर है। यहां की पुलिस कुछ भी कहने से बच रही है।
सेक्टर-24 थाना अंतगर्त मोरना निवासी ललित का अपहरण सोमवार को मलेयशिया में कर लिया गया था। उसका अपहरण तब किया गया जब वह मार्कशीट लेने मलेयशिया लेने गया हुआ था।
मंगलवार को परिजनों ने नोएडा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की सूचना दी थी। उसके बाद यहां की पुलिस ने विदेश मंत्रालय व गृह मंत्रालय के अधिकारियों को पूरा घटनाक्रम बताया, जहां मामले को गंभीरता से लेते हुए विदेश मंत्रालय ने एक नोडल ऑफिसर नियुक्त कर दिया।
पुलिस हैरान, परिजन परेशान
वहीं, दो दिन पूर्व डीएसपी डॉ. अनूप कुमार ने यह खुलासा किया था कि ललित का अपहरण दाखिले के गोरखधंधे में किया गया है। ललित ने रविंद्र कुमार नामक शख्स से एडमिशन कराने के नाम पर रुपए लिए थे।
जहां वह न तो एडमिशन करा पाया और न ही रुपए वापस किए। इसी वजह से उसका अपहरण कर लिया गया। मगर दूसरे ही दिन एसएसपी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने डीएसपी डॉ. अनूप कुमार की बात को सिरे से खारिज कर दिया।
एसएसपी का कहना है कि पूरा मामला विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के आधीन है। वहीं ललित के एक रिश्तेदार का कहना है कि सुबह करीब 10 बजे मलयेशिया से फोन आया कि ललित को रिहा कर दिया गया है।
अब तक तीन बार में कुल साढ़े पांच लाख रुपए अपहरणकर्ता फिरौती की रकम ले चुके हैं। हालांकि अपहरणकर्ताओं ने कुल 10 लाख की डिमांड की थी।
खास बात यह है कि अब तक ललित का न तो परिजनों से कोई संपर्क हो सका है और न ही वह स्वदेश वापस पहुंचा। ऐसे में मामला अब भी गंभीर बना हुआ है।