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राकेश टिकैत ने कहा- किसानों की जमीन हथियाकर लैंड बैंक बनाने की तैयारी में है सरकार
Sun, 13 Dec 2020 06:04 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, साहिबाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, साहिबाबाद
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 13 Dec 2020 06:04 AM IST
सार
- कर्ज नहीं चुकाने पर जमीन ले लेंगे बैंक, केसीसी बना मौत का क्रेडिट कार्ड
- 300 प्रतिशत से ज्यादा ब्याज देता है किसान, बाबा टिकैत ने इसे पहले ही मौत का क्रेडिट कार्ड बताया था
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राकेश टिकैत
- फोटो : amar ujala
विस्तार
बाबा टिकैत ने किसान क्रेडिट कार्ड को किसान की मौत का कार्ड बताया था। आज देश में यही हालात हैं। सरकार किसान को फसल का पूरा पैसा दे नहीं रही और किसान को कर्ज में डुबा रही है। यह सब सरकार की योजना है। सरकार आने वाले समय में लैंड बैंक बनाना चाहती है, जो किसान कर्ज नहीं लौटा पाएगा उसकी जमीन लेकर कर्ज खत्म किया जाएगा। यह कहना है भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का।
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शनिवार को पैदल मार्च के बाद दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर आयोजित सभा में राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार हर बार स्कीम लाकर कहती है कि कर्ज ले लो किसान को फायदा होगा। इसके तहत ही केसीसी सरकार लाई थी। उस वक्त बाबा महेंद्र सिंह टिकैत ने इस कार्ड को किसान की मौत का कार्ड बताया था। आज यही हालात देश में हैं। किसान क्रेडिट कार्ड में संशोधन कराने की बात करता है तो सरकार सुनती नहीं है। किसान सरकार को 300 प्रतिशत से ज्यादा ब्याज दे रहा है। आने वाले समय में सरकार किसानों से यह कह दे कि बैंक का पैसा लौटा दो तो किसी किसान की हैसियत नहीं कि वह रुपया लौटा दे। ऐसे में ही सरकार अब नई पॉलिसी बना रही है। लैंड बैंक बनाने की तैयारी कर रही है। यह सरकार के आने वाले समय का प्लान है। इसके जरिये सरकार किसानों की जमीन हथियाना चाहती है।
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कर्ज नहीं, अपनी फसल की कीमत चाहिए
राकेश टिकैत का कहना है कि सरकार कर्ज माफी की जगह किसान को कर्ज दे रही है। अभी सरकार ने किसानों के लिए करीब 10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज देने की व्यवस्था की। इस पर हमने कहा कि किसान को कर्ज नहीं चाहिए। किसान को अपने फसल की कीमत चाहिए। एक एक साल में सरकार हमारी फसल की कीमत देती है।
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प्रधानमंत्री डिजिटल कैंपेन से जोड़े जाएं किसान
राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार डिजिटल इंडिया कैंपेन चला रही है। सरकार किसानों को भी इस कैंपेन से जोड़े। किसान भी कार्ड से अपना पैसा निकाल लेंगे। सरकार किसानों की 24 फसलों को डिजिटल कैंपेन से जोड़ दे। किसान जैसे ही सरकार को फसल बेचे उसके अकाउंट में पैसे पहुंच जाए। यह पेमेंट बैंक से ही होती है लेकिन किसान का भुगतान सरकार नहीं करना चाहती है। भुगतान तो एक साल में होगा। सरकार किसानों पर अत्याचार कर रही है।
सभी किसान संगठन एकजुट होकर लड़ें
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने देश के सभी किसानों से आह्वान किया है कि सभी किसान और किसान संगठन एकत्र हो जाएं। अब यह लड़ाई किसी एक संगठन की लड़ाई नहीं है। किसी एक संगठन में ताकत नहीं है कि यह लड़ाई अकेले जीत सके। अब सभी किसान संगठन एकजुट होकर लड़ेंगे तो जीत जरूर मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार संगठन को तोड़ना चाहती है। सरकार देख रही है कि कैसे इस संगठन को तोड़ा जाए। संगठन के अंदर कैसे घुस सकते हैं लेकिन सरकार को कोई रास्ता नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास कृषि कानून वापसी का ही एक रास्ता खुला हुआ है। सरकार ने जो गलत काम किया है, उससे पीछे हटना पड़ेगा।