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'नशाखोरी रोकने का दावा करने वाली दिल्ली सरकार ने खोले 58 नये शराब के ठेके'

Mon, 08 Aug 2016 10:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 08 Aug 2016 10:01 AM IST
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"The Government claims to prevent drug abuse alcohol opened 58 new contracts'
केजरीवाल और मनीष सिसोदिया - फोटो : अमर उजाला

स्वराज अभियान ने रविवार को आम आदमी पार्टी (आप) पर बड़ा हमला बोला है। अभियान का आरोप है कि नशाखोरी रोकने के चुनावी वायदे के साथ आयी आप सरकार दिल्ली में शराब माफियाओं के हक में काम कर रही है। 

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महज सवा साल के भीतर दिल्ली में 58 नये शराब के ठेकों के लाईसेंस दे दिये गये। अभियान ने चेतावनी दी है कि दस अगस्त तक अगर सरकार ने रिहायशी इलाकों में चल रहे शराब के ठेकों को बंद नहीं कराया तो स्वराज अभियान इस मसले पर बड़ा आंदोलन शुरू करेगा।
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स्वराज अभियान पार्टी निर्माण समिति के संयोजक अजीत झा और कार्यकारिणी सदस्य अनुपम ने रविवार को पटेल नगर स्थित अभियान के कार्यालय में मीडिया से बात करते हुये कहा कि पहले आप के स्वराज बिल में प्रावधान था कि शराब के ठेकों को खोलने या बंद करने का अंतिम फैसला आरडब्लूए, मोहल्ला या ग्राम सभाओं के हाथ में होगा। 
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लेकिन सरकार बनने के बाद इसे कूड़ेदान में डाल दिया गया। आज दिल्ली में धड़ाधड़ शराब की दुकानें खुल रही हैं। यहां तक कि विरोध करने पर आप विधायक लोगों को छह-छह शराब की दुकानें खुलवा देने की धमकी भी दे रहे हैं।

'आरटीआई से मिल चौकाने वाली जानकारी'

"The Government claims to prevent drug abuse alcohol opened 58 new contracts'
arvind kejriwal

अनुपम ने बताया कि इस बारे में आरटीआई से जो जानकारी मिली है वह चौकाने वाली है। आप सरकार के पहले कार्यकाल में दिल्ली में 595 शराब की दुकानें थे। इससे सरकार को 8,30,48,13,000 राजस्व मिलता था। 

जबकि आप के दूसरे कार्यकाल में शराब के ठेकों की संख्या में बेतहाशा बढ़ी है। करीब सवा साल में दिल्ली में 58 नई शराब के ठेकों के लाईसेंस दिये गये। खास बात यह कि आबकारी नीति के अनुसार स्थानीय विधायक की इजाजत के बिना कोई भी ठेका नहीं खुल सकता।

वहीं, राजस्व करीब 15 अरब रुपये मिल रहा है। दूसरी तरफ नशाखोरी रोकने के मद में जारी होने वाले विज्ञापनों पर मामूली खर्च हो रहा है। अनुपम ने बताया कि अभियान अभी कोटला मुबारकपुर की दुकान बंद करवाने की लड़ाई लड़ रहा है।

10 अगस्त शाम 4 बजे अभियान के सह संस्थापक प्रशांत भूषण स्थानीय लोगों के साथ जनसुनवाई करेंगे। सरकार इस दिशा में अगर ध्यान नहीं देती तो दिल्ली में जनता की मर्जी के बगैर खोले गये शराब के ठेकों को बंद करवाने की अभियान मुहिम चलायेगा।

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