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लखनऊ के लिए उपयोगी जवाबदेही के वास्तविक अभ्यास पर टिका है लोकतंत्र का विश्वास: विजेंद्र गुप्ता
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि लोकतंत्र की वैधता जवाबदेही के प्रावधानों के अस्तित्व से नहीं, बल्कि इस बात से तय होती है कि विधायिका उन्हें कितनी गंभीरता और ईमानदारी से लागू करती है। वह लखनऊ में आयोजित 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि विधायी जवाबदेही जनता और उनके निर्वाचित प्रतिनिधियों के बीच जीवंत संबंध है, जो लोकतंत्र की नैतिक और संवैधानिक आधारशिला है। उन्होंने कहा कि कार्यपालिका की सत्ता विधायिका से ही प्रवाहित होती है और वह सामूहिक रूप से सदन के प्रति उत्तरदायी रहती है। गुप्ता ने विधानसभाओं की बैठकों की घटती संख्या और प्रभावी कार्य घंटों में कमी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इससे कार्यपालिका की निगरानी कमजोर होती है और जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा के अवसर सीमित हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि विधायकों को तथ्यात्मक और डेटा-आधारित सहयोग देने के लिए शोध की भागीदारी का समर्थन किया।
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नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि लोकतंत्र की वैधता जवाबदेही के प्रावधानों के अस्तित्व से नहीं, बल्कि इस बात से तय होती है कि विधायिका उन्हें कितनी गंभीरता और ईमानदारी से लागू करती है। वह लखनऊ में आयोजित 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि विधायी जवाबदेही जनता और उनके निर्वाचित प्रतिनिधियों के बीच जीवंत संबंध है, जो लोकतंत्र की नैतिक और संवैधानिक आधारशिला है। उन्होंने कहा कि कार्यपालिका की सत्ता विधायिका से ही प्रवाहित होती है और वह सामूहिक रूप से सदन के प्रति उत्तरदायी रहती है। गुप्ता ने विधानसभाओं की बैठकों की घटती संख्या और प्रभावी कार्य घंटों में कमी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इससे कार्यपालिका की निगरानी कमजोर होती है और जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा के अवसर सीमित हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि विधायकों को तथ्यात्मक और डेटा-आधारित सहयोग देने के लिए शोध की भागीदारी का समर्थन किया।
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