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मोतियाबिंद आपरेशन से रोशनी खतरे में
अमर उजाला, मोदीनगर
Updated Wed, 25 Nov 2015 01:29 AM IST
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मोदीनगर के एक नेत्र चिकित्सालय में डाक्टर की लापरवाही के चलते नौ लोगों की आंखों की रोशनी खतरे में है। मंगलवार को पीड़ितों के परिजनों ने तहसील पर प्रदर्शन कर आरोपी चिकित्सक पर कार्रवाई की मांग की है।
एसडीएम ने तहसीलदार को जांच के आदेश दिए है। पीड़ितों का मोतियाबिंद का आपरेशन हुआ था।
हापुड़ निवासी संजय, रॉकी, जयराम सिंह, साबिर अहमद, विनोद कुमार, आरिफ अहमद आदि मंगलवार को तहसील पहुंचे और प्रदर्शन किया।
एसडीएम अतुल कुमार को बताया कि हापुड़ के ताराचंद अस्पताल में पांच नवंबर को मोदीनगर के एक नेत्र चिकित्सक ने निशुल्क नेत्र जांच कैंप लगाया गया था।
इसमें नौ लोगों को मोतियाबिंद से पीड़ित बताया गया था। छह नवंबर को मोतियाबिंद पीड़ित फूलवती, जुम्मा, राजेंद्री, जगवती, फरजाना, अमन खातून, शिक्षा देवी एवं लाला सिंह का मोदीनगर के नेत्र चिकित्सालय में आपरेशन किया गया। सभी मरीज हापुड़ की विभिन्न कालोनियों के रहने वाले हैं।
आपरेशन के लिए प्रत्येक मरीज से 2050 रुपये वसूल लिए गए। आपरेशन के दो दिन बाद सभी मरीजों को छुट्टी दे दी गई है।
मरीजों ने बताया कि उन्हें आंखों से परेशानी होनी शुरू हो गई और अब उनकी रोशनी कम होगई ।नौ नवंबर को मरीज दोबारा अस्पताल पहुंचे और डाक्टर से परेशानी बताई।
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पीड़ितों के परिजनों ने बताया कि चिकित्सक अस्पताल की एंबुलेंस से सभी मरीजों को दिल्ली एम्स ले गए. मगर वहां भी उनको संतोषजनक जवाब नहीं मिला। अब चिकित्सक भी पल्ला झाड़ रहा है।
एसडीएम ने बताया कि पीड़ित के परिजनों के अनुसार आपरेशन के बाद से उनकी आंख में लाली है, जो जा नहीं रही है और दिखाई देने में समस्या है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार को जांच सौंपी गई है। जांच के दौरान अन्य नेत्र विशेषज्ञों की राय भी ली जाएगी। मामले में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
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एसडीएम ने तहसीलदार को जांच के आदेश दिए है। पीड़ितों का मोतियाबिंद का आपरेशन हुआ था।
हापुड़ निवासी संजय, रॉकी, जयराम सिंह, साबिर अहमद, विनोद कुमार, आरिफ अहमद आदि मंगलवार को तहसील पहुंचे और प्रदर्शन किया।
एसडीएम अतुल कुमार को बताया कि हापुड़ के ताराचंद अस्पताल में पांच नवंबर को मोदीनगर के एक नेत्र चिकित्सक ने निशुल्क नेत्र जांच कैंप लगाया गया था।
इसमें नौ लोगों को मोतियाबिंद से पीड़ित बताया गया था। छह नवंबर को मोतियाबिंद पीड़ित फूलवती, जुम्मा, राजेंद्री, जगवती, फरजाना, अमन खातून, शिक्षा देवी एवं लाला सिंह का मोदीनगर के नेत्र चिकित्सालय में आपरेशन किया गया। सभी मरीज हापुड़ की विभिन्न कालोनियों के रहने वाले हैं।
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आपरेशन के लिए प्रत्येक मरीज से 2050 रुपये वसूल लिए गए। आपरेशन के दो दिन बाद सभी मरीजों को छुट्टी दे दी गई है।
मरीजों ने बताया कि उन्हें आंखों से परेशानी होनी शुरू हो गई और अब उनकी रोशनी कम होगई ।नौ नवंबर को मरीज दोबारा अस्पताल पहुंचे और डाक्टर से परेशानी बताई।
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पीड़ितों के परिजनों ने बताया कि चिकित्सक अस्पताल की एंबुलेंस से सभी मरीजों को दिल्ली एम्स ले गए. मगर वहां भी उनको संतोषजनक जवाब नहीं मिला। अब चिकित्सक भी पल्ला झाड़ रहा है।
एसडीएम ने बताया कि पीड़ित के परिजनों के अनुसार आपरेशन के बाद से उनकी आंख में लाली है, जो जा नहीं रही है और दिखाई देने में समस्या है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार को जांच सौंपी गई है। जांच के दौरान अन्य नेत्र विशेषज्ञों की राय भी ली जाएगी। मामले में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।