दिल्ली हिंसा: पहले कभी नहीं देखी ऐसी क्रूरता, शवों को देख डॉक्टर भी रह गए हैरान
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दिल्ली में ऐसी हिंसा पहले कभी नहीं देखी। क्रूरता की सभी सीमाओं को लांघ दिया गया। किसी को गोली तो किसी को तलवार से काटा गया है। कुछ लोगों को पेट्रोल डालकर जला डाला। ये कहना है उन फोरेंसिक विशेषज्ञों का, जो रोजाना सात से आठ शवों का पोस्टमार्टम करते हैं।
शवों की हालत देखकर वे भी सन्न हैं। पूर्वी दिल्ली के सबसे बड़े अस्पताल गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) के शवगृह में 34 शव बृहस्पतिवार शाम तक पहुंचे, जिनमें से 9 का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिए। यहां करीब 38 से 40 शवों को एक साथ रखने की क्षमता है।
फोरेंसिक विभाग के एक वरिष्ठ चिकित्सक ने बताया कि हिंसा का खौफनाक मंजर उन्हें तब पता चला जब वे बुधवार को शवगृह पहुंचे थे। एक के बाद एक शव पहुंचने लगे, जिनकी हालत दिल दहला देने वाली थी। आखिर कोई किसी के लिए इतनी क्रूरता जहन में कैसे रख सकता है? महिला, बुजुर्ग और युवा उम्र तक के शव यहां लाए गए।
किसी के शरीर पर आठ से नौ तलवार के वार हैं तो किसी का आधा शरीर जला हुआ है। ये वाकई शर्मिंदगी और रोंगटे खड़े कर देने वाला मंजर है। उन्होंने बताया कि वे जीटीबी अस्पताल में 25 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्होंने ऐसी स्थिति पहले कभी नहीं देखी। इसी विभाग के एक अन्य डॉक्टर ने कहा कि शवगृह की स्थिति को वे शब्दों में बयां नहीं कर सकते। हिंसा ने इंसानियत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पोस्टमार्टम में लगेंगे दो से तीन दिन
फोरेंसिक डॉक्टरों के अनुसार, शवों की संख्या ज्यादा होने के कारण पोस्टमार्टम में दो से तीन दिन का समय लग सकता है। दिल्ली पुलिस की ओर से पंचनामा पूरे होने के बाद ही पोस्टमार्टम किए जा सकते हैं। अभी तक नौ शवों के पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंपे जा चुके हैं।
गोली लगने से मारे गए ज्यादातर लोग
बृहस्पतिवार रात तक हिंसा में मारे गए 38 में से 20 शवों की जानकारी मिल चुकी थी। 20 में से 9 लोगों की मौत गोली लगने से हुई है, जबकि पांच को बगैर धारदार हथियार से मारा गया है। एक शव बुरी तरह जला मिला है। तीन को चाकू घोंपकर मारा है और 2 लोगों की मौत का कारण पोस्टमार्टम के बाद पता चलेगा।
ये है स्थिति
कुल मृतक : 38
गुरु तेग बहादुर अस्पताल : 34
लोकनायक अस्पताल : 03
जगप्रवेश अस्पताल : 01
कुल घायल मरीज : 467
गुरु तेग बहादुर अस्पताल : 210
लोकनायक अस्पताल : 52
अल हिंद अस्पताल : 205
कुल पोस्टमार्टम : 13
जीटीबी : 09
लोकनायक : 3
जगप्रवेश : 01