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हाईकोर्ट ने केजरीवाल सरकार को लगाई फटकार
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 20 May 2015 02:08 PM IST
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दिल्ली सरकार व उपराज्यपाल के बीच चल रही जंग की गूंज हाईकोर्ट में भी पहुंच गई है। हाईकोर्ट ने तीन मामलों की सुनवाई के दौरान कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि आम लोग बेहतर सरकार चाहते थे आखिर ये हो क्या रहा है।
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अदालत ने सरकार के रवैये पर कहा कि किसी भी प्रकार का काम करने की अपेक्षा वहां (दिल्ली सचिवालय) तुम अधिकारी के कार्यालय को सील कर देते हो। इतना ही नहीं अदालत ने केंद्र सरकार को भी इस मुद्दे पर कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि आप लोग मिलकर काम क्यों नहीं करते।
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दरअसल मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी व न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ की खंडपीठ के समक्ष अल्पसंख्यक स्कूलों में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के बच्चों को दाखिला, नर्सरी दाखिला दिशा निर्देश चुनौती व अशक्तों के लिए ट्रैफिक लाइट पर सुविधा प्रदान करने के मामलों पर सुनवाई तय थी।
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सुनवाई शुरू होने पर दिल्ली सरकार व केंद्र की तरफ से कोई वकील पेश नहीं हुआ। अदालत ने नाराजगी जताते हुए कोर्ट मास्टर आरके गुप्ता को निर्देश दिया कि वे दिल्ली सरकार के वकील को बुलाएं। कोर्ट मास्टर गुप्ता ने देखा कि अधिवक्ता रमन दुग्गल वहीं बैठे थे और उन्होंने कहा कि दुग्गल ही पेश होते हैं।
सरकार के वकील को लगाई लताड़
इस पर दुग्गल तुरंत खड़े हो गए। अदालत ने उनके रवैये पर नारजगी जताते हुए कहा कि यह क्या हो रहा है आप लोग सुनवाई में पेश क्यों नहीं होते। क्या हर बार निमंत्रण देकर सरकार के वकील को बुलाना पड़ेगा। अधिवक्ता दुग्गल ने कहा तैयारी के लिए समय चाहिए।
हमारे पास करीब नौ हजार फाइलें है और अदालत के अवकाश के बाद पूरी तैयारी हो जाएगी। अदालत ने जवाब पर असंतोष जताते हुए कहा कि आपको तैयारी में कितने दिन चाहिए। सरकार बदलती रहती है लेकिन कभी भी इस प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ा।
अब तो हालत हो गई है सरकारी वकील अदालत में दिखाई ही नहीं देते। आप लोग यहां रहा करो, हर मामले में बार-बार नहीं बुलाया जा सकता। अदालत ने केंद्र सरकार द्वारा भी जवाब दाखिल न करने पर फटकार लगाते हुए जल्द से जल्द मामलों में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
हमारे पास करीब नौ हजार फाइलें है और अदालत के अवकाश के बाद पूरी तैयारी हो जाएगी। अदालत ने जवाब पर असंतोष जताते हुए कहा कि आपको तैयारी में कितने दिन चाहिए। सरकार बदलती रहती है लेकिन कभी भी इस प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ा।
अब तो हालत हो गई है सरकारी वकील अदालत में दिखाई ही नहीं देते। आप लोग यहां रहा करो, हर मामले में बार-बार नहीं बुलाया जा सकता। अदालत ने केंद्र सरकार द्वारा भी जवाब दाखिल न करने पर फटकार लगाते हुए जल्द से जल्द मामलों में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।