दिल्ली सरकार ने लिया विधानसभा सत्र बुलाने का फैसला, सत्र में होंगी चार बैठकें
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आम आदमी पार्टी की अगुवाई वाली दिल्ली सरकार ने 22 से 26 अगस्त के बीच दिल्ली विधानसभा का सत्र बुलाने का फैसला किया है। सत्र में यूं तो 4 बैठकें होंगी, लेकिन एक बैठक शुक्रवार की है, जिसमें निजी सदस्यों के प्रस्ताव का दिन होता है।
इस बीच 25 अगस्त को जन्माष्टमी की छुट्टी रहेगी। इसे विधानसभा के चौथे सत्र का दूसरा भाग कहा जा रहा है, लेकिन यह माना जा रहा है कि दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले से बनी दिल्ली की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा किसी न किसी बहाने आप सरकार करेगी।
हालांकि चर्चा के मुद्दे व सत्र के कामकाज पर फैसला मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के हिमाचल से 11 अगस्त को लौटने के बाद ही होगा। केजरीवाल के विपश्यना के कारण हिमाचल में होने की वजह से कैबिनेट की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने की।
पिछले महीने कैबिनेट ने विधेयक के संशोधन को दी थी मंजूरी
मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े अधिकारी बताते हैं कि केंद्र सरकार से पास होकर जीएसटी विधेयक अगर समय रहते आ जाता है, तो इस विस सत्र में उस कर कानून पर भी चर्चा संभव है।
जीएसटी के अधिनियम में दिल्ली को केंद्र शासित राज्य मानने के बजाय विशेष राज्य के दर्जा का जिक्र की बात अधिकारी कर रहे हैं। इससे कर में हिस्सेदारी दिल्ली की बैठेगी। विस सत्र में बजट होटल या गेस्ट हाउस में 1500 रुपये तक के कमरों पर विलासिता कर से छूट दिए जाने वाले संशोधन विधेयक लाए जाने की संभावना है।
पिछले महीने कैबिनेट ने विधेयक के संशोधन को मंजूरी दी थी। इसके अलावा केंद्र सरकार के साथ लड़ाई, उपराज्यपाल को लेकर उच्च न्यायालय के आदेश के बाद कार्यों में हस्तक्षेप को लेकर चर्चा संभव है।