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डेंगू के मच्छर का बदला रहा स्वभाव, चिकित्सक परेशान
डीपी आर्य/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Mon, 12 Oct 2015 08:34 PM IST
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डेंगू यूं ही बेकाबू नहीं हो रहा है। इसको फैलाने वाले मच्छर का मिजाज बदलने से ब्रीडिंग एरिया बढ़ गया है। अभी तक साफ पानी में ब्रीडिंग करने वाला मच्छर एडीज अब गंदे पानी में भी पल-बढ़ रहा है।
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इससे इसका ब्रीडिंग एरिया बढ़ गया है। डेंगू पर रोकथाम के लिए अब केवल साफ पानी ही नहीं, बल्कि किसी भी प्रकार का पानी नहीं भरने देना होगा। ऐसा ही मलेरिया के मच्छर के साथ भी हो रहा है। इससे विशेषज्ञ चिंतित हैं।
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डेंगू के मच्छर एडीज की ब्रीडिंग साफ ठहरे हुए पानी में और मलेरिया के मादा एनाफीलीज की ब्रीडिंग ठहरे हुए गंदे पानी में होती थी। इसी को आधार बनाकर स्वास्थ्य विभाग मच्छरों पर नियंत्रण की योजना बनाता था।
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स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों को इस साल मिली जांच में मच्छरों का स्वभाव बदला हुआ मिला है। मलेरिया का मच्छर एनसीआर में साफ पानी में ब्रीडिंग कर रहा है। एनसीआर-दिल्ली में इसकी ज्यादातर ब्रीडिंग वाटर टैंकों में पाई जा रही है।
इसी तरह एडीज मच्छर भी ब्रीडिंग का क्षेत्र बदल रहा है। अभी तक साफ पानी के टैंकों में ब्रीडिंग करने वाली मादा एडीज अबकी बार गंदे पानी में भी ठिकाना बना रही है।
जिला मलेरिया अधिकारी डा. जीके मिश्रा के अनुसार फर्श पर गिरे पानी या पक्की मिट्टी में भरे पानी में भी इसकी ब्रीडिंग हो रही है।
जांच में सामने आया है कि जिस ठहरे हुए पानी में मिट्टी के कण नहीं होते हैं। गंदे पानी के साथ ही अबकी बार डेंगू की ब्रीडिंग गमलों और पौधों की पत्तियों पर भी हो रही है।
इसलिए नहीं कारगर हुए डेंगू नियंत्रण के उपाय
स्वास्थ्य विभाग साफ पानी के स्रोत पर ही डेंगू नियंत्रण के उपाय करता-कराता रहा। जबकि इसकी ब्रीडिंग गंदे पानी, फर्श और गमलों-पौधों पर होती रही। इसके चलते डेंगू लगातार फैलता रहा। अब विशेषज्ञों को मौसम बदलने का ही सहारा है।
नए इंसेक्टीसाइड का होगा प्रयोग
दिल्ली मीटिंग में प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर लौटे डा. जीके मिश्रा ने बताया कि इस बार दो नए कीटनाशक आए हैं। इनसे डेंगू पर प्रभावी नियंत्रण हो सकेगा।
इनके प्रयोग से डेंगू का अंडा, लारवा, प्यूपा और बच्चा जहां का जहां रुक जाएगा। इनका विकास नहीं होगी। एक ही अवस्था में इनका जीवन चक्र पूरा हो जाएगा। इससे डेंगू की पीढ़ी आगे नहीं बढ़ सकेगी।
अगले साल इसके चलते डेंगू को शुरुआत में ही रोक लिया जाएगा। इस बार डेंगू अब खत्म होने को है। तापमान गिरने के साथ ही डेंगू खत्म हो जाएगा।