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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   The 2007 Bed and Breakfast scheme will no longer be in effect.

Delhi NCR News: अब नहीं चलेगी 2007 की बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 11 Aug 2026 09:39 PM IST
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मालवीय नगर अग्निकांड के बाद सरकार ने लिया फैसला, विधानसभा ने शयन कक्ष तथा भोजन संस्थापना (निरसन) विधेयक, 2026 को दी मंजूरी
अमर उजाला ब्यूरो


नई दिल्ली।माललवीय नगर अग्निकांड के बाद चर्चा में आई दो दशक पुरानी बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना को रद्द करने की इजाजत दिल्ली विधान सभा ने दे दी है। शयन कक्ष तथा भोजन संस्थापना (निरसन) विधेयक, 2026 से 2007 का वह कानून खत्म हो गया है, जिसके सहारे मालवीय नगर सरीखे होटल चल रहे थे, जिसमें से एक में आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई थी।
दरअसल तत्कालीन दिल्ली सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 2007 में यह कानून लागू किया था। इसके तहत घरों में सीमित संख्या में कमरे और भोजन की सुविधा उपलब्ध कराने वाली छोटी आवासीय इकाइयों को पंजीकृत किया जाता था। हालांकि, तीन जून को मालवीय नगर के एक होटल में लगी आग में 21 लोगों की मौत के बाद योजना के तहत चल रही व्यवस्थाओं और उनके नियमन पर गंभीर सवाल उठे। इसके बाद सरकार ने योजना खत्म करने का फैसला किया।
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दिल्ली सरकार का कहना है कि पिछले दो दशकों में राजधानी की जरूरतों और परिस्थितियों में बड़ा बदलाव आया है। ऐसे में मौजूदा वैधानिक व्यवस्था को खत्म कर नई और सुविधाजनक नीति व्यवस्था लागू करना जरूरी है। सरकार अब बी एंड बी इकाइयों के नियमन के लिए नया कानून तैयार कर रही है, जो दिल्ली की मौजूदा जरूरतों के अनुरूप होगा।
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नया कानून आने तक कुछ प्रावधान रहेंगे लागू
विधेयक में नए कानून के लागू होने तक के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। मौजूदा अधिनियम के तहत नए पंजीकरण और लंबित आवेदनों की प्रक्रिया स्थगित रहेगी। वर्तमान पंजीकरण, प्रमाणपत्र और शिकायत निवारण से जुड़े मामलों का निपटारा प्रस्तावित नई नीति के तहत किया जाएगा। हालांकि, पुराने अधिनियम के तहत शुरू की गई किसी दंडात्मक या कानूनी कार्रवाई का निपटारा उसी कानून के प्रावधानों के अनुसार जारी रहेगा। कानून खत्म होने से सरकार पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी नहीं पड़ेगा और उसके पुराने अधिकारों या देनदारियों पर असर नहीं होगा।


सरकार नए कानून के लिए तैयार कर रही मसौदा
अधिकारियों के अनुसार, बी एंड बी योजना खत्म करने के साथ ही नई नीति का मसौदा तैयार किया जा रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था में अधिकतम 16 बिस्तर और आठ कमरों वाली आवासीय इकाइयों को शामिल किया जा सकता है। इसमें केवल आवासीय इकाइयां ही होंगी। होटल, लॉज, गेस्ट हाउस, सर्विस अपार्टमेंट और अन्य वाणिज्यिक आतिथ्य सुविधाएं इसके दायरे से बाहर रहेंगी। वाणिज्यिक रेस्तरां, बाहरी लोगों को सेवा देने वाले बार और होटल भी इस व्यवस्था में शामिल नहीं होंगे। इन प्रतिष्ठानों को पर्यटन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण कराना होगा।
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