तो आपके खाते में हर साल जमा हो जाएंगे एक-एक लाख रुपये!
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कालेधन से 15 लाख रुपये खाते में जमा होने की उम्मीद तो अब धूमिल हो गई है, लेकिन यदि राज्य सरकार साइबर सिटी का पैसा भी वापस कर दे तो हर आदमी के खाते में हर साल एक-एक लाख रुपये जमा हो जाएंगे।
सरकार ने पांच साल में स्टांप ड्यूटी के रूप में गुड़गांव से करीब 51000 करोड़ रुपये कमाए हैं, लेकिन इस राशि का कहां इस्तेमाल किया गया, इसका कोई हिसाब-किताब नहीं है।
बताया गया है कि इस पैसे से सरकार यहां फ्लाईओवरों और सार्वजनिक परिवहन साधनों का जाल बिछाकर लोगों को जाम से मुक्ति दिला सकती थी। रोजगार के साधन उपलब्ध करवा सकती थी। लेकिन ताज्जुब है कि इस धनराशि का दो फीसदी भी इस शहर को नहीं मिला है। ऐसे में निगम क्षेत्र के करीब 10 लाख लोग यूं ही छले जा रहे हैं।
आरटीआई में हुआ खुलासा
इसका खुलासा सूचना अधिकार कार्यकर्ता अभय जैन की एक आरटीआई से हुआ है। उनका कहना है कि सरकार के नियमानुसार किसी भी जिले में स्टांप ड्यूटी से होने वाली आय का 2 प्रतिशत भाग वहां के नगर निगम को दिया जाता है।
गुड़गांव नगर निगम को कुल आय 51,200 करोड़ रुपये का 2 प्रतिशत अर्थात 1024 करोड़ रुपये मिलना था, लेकिन पूरा नहीं मिला। इसमें से 686 करोड़ रुपये कहां ट्रांसफर किए गए, इसकी जानकारी गुड़गांव से संबंधित नेताओं और अधिकारियों को नहीं है।
जैन का कहना है कि गुड़गांव के सांसद एवं केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, बादशाहपुर से विधायक एवं हरियाणा के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह, मेयर विमल यादव व पार्षद इतनी बड़ी राशि के कहीं ओर ट्रांसफर हो जाने से या तो अनभिज्ञ हैं या गुड़गांव की जनता के अधिकारों को दिलाने में असमर्थ हैं।
खुद ही देख लीजिए आंकड़े
वर्ष कुल हिस्सा भुगतान बकाया राशि
2011-12 155 0 155
2012-13 255 178 77
2013-14 203 99 104
2014-15 224 44 180
2015-16 187 17 170
कुल आंकड़े 1024 338 686
(स्रोत: आरटीआई)
मैने विधानसभा में स्टांप ड्यूटी के बकाये से संबंधित सवाल उठाया था। भाजपा सरकार ने रकम देनी शुरू कर दी है। पिछली सरकार ने गुड़गांव के हिस्से की जो रकम दबाई हुई थी, उसे भी लिया जाएगा।
उमेश अग्रवाल, विधायक, गुड़गांव