{"_id":"3d2f5e1737acb6cd05f7a454cd1e8ed9","slug":"tha-world-s-most-polluted-city-should-not-become-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"विश्व का सबसे प्रदूषित शहर न बन जाए टीएचए ! ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विश्व का सबसे प्रदूषित शहर न बन जाए टीएचए !
प्रिया गौतम/ अमर उजाला, कौशांबी
Updated Sun, 05 Apr 2015 11:38 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कभी दिल्ली-एनसीआर में रहने वाले लोगों की पहली पसंद बना टीएचए (ट्रांस हिंडन एरिया) यहां रहने वाले लोगों के लिए सबसे प्रदूषित स्थान साबित हो सकता है।
विज्ञापन
हाल ही में कौशांबी के रेजिडेंट्स की ओर से किए गए सर्वे के बाद यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) भी हरकत में आ गया है। जल्द ही टीएचए में सिस्टम लगाकर पर्यावरण प्रदूषण की जांच की जाएगी। रेजिडेंट्स की ओर से दी गई शिकायती रिपोर्ट में टीएचए विश्व का सबसे प्रदूषित शहर बनने की कगार पर है।
विज्ञापन
यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड टीएचए के सर्वाधिक प्रदूषित इलाकों में जल्द ही प्रदूषण नियंत्रण के लिए सिस्टम लगाने जा रहा है। इस बारे में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी पारसनाथ ने बताया कि टीएचए में प्रदूषण की स्थिति अन्य जगहों के मुकाबले काफी खराब है।
विज्ञापन
इसमें दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्र काफी हद तक जिम्मेदार हैं। ऐसे में टीएचए में वायु, ध्वनि और जल प्रदूषण को नापने के लिए मशीनें लगाई जानी हैं। कुछ मशीनें लखनऊ से भी आएंगी। इसी हफ्ते कौशांबी सहित कई कॉलोनियों में प्रदूषण मापक सिस्टम लगाने की तैयारी कर जा रही है।
चारों ओर से औद्योगिक क्षेत्रों से घिरा है टीएचए
पीसीबी में शिकायत दर्ज कराने वाले कौशांबी अपार्टमेंट्स रेजीडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय मित्तल ने बताया कि टीएचए की कॉलोनियां तीन ओर से औद्योगिक क्षेत्रों से घिरी हैं।
इनमें कौशांबी की हालत सर्वाधिक खराब है। टीएचए को घेरने वालों में दिल्ली का आनंद विहार आईएसबीटी, पटपड़गंज औद्योगिक क्षेत्र, साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र साइट-4, गाजीपुर डंप यार्ड, एनएच-24 और एनएच-58 आदि शामिल हैं।
ऐसे में महज कुछ दूरी पर इन क्षेत्रों के कारण रेजीडेंट्स की ओर से तैयार रिपोर्ट में टीएचए में पर्यावरण प्रदूषण की स्थिति दिल्ली-एनसीआर के अन्य क्षेत्रों के मुकाबले ज्यादा आंकी गई है।
चार जगहों पर लगेंगी मशीनें
आनंद विहार और पटपड़गंज औद्योगिक क्षेत्र की ओर ईडीएम मॉल के पास
दिल्ली-यूपी गेट के से आते हुए एंजेंल मॉल के पास
साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र साइट-4 की ओर
दिल्ली के गाजीपुर डंप यार्ड की ओर
सबसे ज्यादा प्रदूषित दिल्ली-एनसीआर
हाल ही में आई डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में भी दिल्ली-एनसीआर को विश्व का सर्वाधिक प्रदूषित क्षेत्र घोषित किया गया है। ऐसे में अस्थमा, सांस रोग, टीबी, जल जनित रोग और एलर्जी की बढ़ती समस्याओं के कारण टीएचए में रहने वाले लोगों को क्षेत्र के सर्वाधिक प्रदूषित होने की आशंका परेशान कर रही है।
घरेलू नुस्खों से किया सर्वे
आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों के अनुसार चारों ओर से औद्योगिक क्षेत्र से घिरे टीएचए के मकानों की छत पर अगर कोई वस्तु रख दी जाए तो सिर्फ दो दिन में ही उस पर कालिख आ जाती है।
इतना ही नहीं 48 घंटे में ही उस पर कई मिलिमीटर मोटी धूल की परत भी चढ़ जाती है। इसी तरह के घरेलू नुस्खों का प्रयोग इस सर्वे में किया गया है। इसके अलावा एसी और लोहे की वस्तुओं में जल्दी जंग लगना, लकड़ी का जल्दी गलना इस सर्वे का आधार है।