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टीएचए में फिर गिरी लिफ्ट, अब बच्चे घायल
अमर उजाला, इंदिरापुरम
Updated Tue, 05 May 2015 01:26 AM IST
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निहो स्कॉटिस गार्डन में लिफ्ट गिरने का सिलसिला जारी है। सोमवार सुबह जीडीए अफसरों की जांच के बाद शाम को फिर आई ब्लॉक की लिफ्ट नवीं मंजिल से गिरकर ग्राउंड फ्लोर पर पहुंच गई। इस दौरान दो बच्चे घायल हो गए।
गनीमत रही कि लिफ्ट सातवीं मंजिल पर कुछ देर के लिए अटक गई वरना बड़ा हादसा हो सकता था। गौरतलब है कि रविवार को भी इसी लिफ्ट से हादसा हुआ था। गुस्साए रेजीडेंट्स ने बिल्डर की गिरफ्तारी की मांग की है।
सोसायटी के फ्लैट नंबर 902 में रहने वाले चंदन और निमेश शाम पांच बजे ग्राउंड फ्लोर पर खेलने जा रहे थे। दोनों नवीं मंजिल से लिफ्ट में सवार हुए। दरवाजा बंद ही हुआ था कि लिफ्ट झटके के साथ नीचे की ओर चली।
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इसके बाद सातवीं मंजिल पर आकर अटक गई। दोनों कुछ समझते इससे पहले ही लिफ्ट फिर तेजी से ग्राउंड फ्लोर पर जा रुकी। झटका लगने से चंदन और निमेश लिफ्ट में गिर गए, जिससे दोनों को मामूली खराेंचें आईं।
बच्चों के चिल्लाने की आवाज सुनकर हड़कंप मच गया। लोग दोनों बच्चों को पास के निजी अस्पताल लेकर भागे, जहां उनका एक्स-रे किया गया। हालांकि डॉक्टरों ने बड़ी चोट से इंकार किया।
उधर, सोसायटी के रेजीडेंट डीके मौर्या ने बताया कि सभी रेजीडेंट्स को सूचित कर दिया गया है कि बच्चों के लिफ्ट में जाने न दें।
दूसरी ओर बिल्डर दीपक आनंद ने बताया कि लिफ्ट मेंटेनेंस का काम निजी कंपनी को दिया गया है। अगर लिफ्ट में गड़बड़ी हुई तो वह भी जांच कराएंगे।
चोटिल निवेदिता बिल्डर के खिलाफ देंगी धरना
शनिवार को हादसे में घायल हुईं निवेदिता ने पुलिस के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है। निवेदिता ने ‘अमर उजाला’ को फोन पर बताया कि एफआईआर में बिल्डर पर लगाई धाराएं बेहद हल्की हैं।
निवेदिता का कहना है कि अस्पताल से डिस्चार्ज होते ही वह सीधे नोएडा सेक्टर-58 थाने जाएंगी और धरने पर बैठेंगी। तब तक घर नहीं जाएंगी जब तक बिल्डर की गिरफ्तारी नहीं होती।
बिल्डर की गलतियों से सोसायटी के हजारों रेजिडेंट्स और उनके बच्चों की जान जोखिम में है। उधर, बिल्डर पर एफआईआर के बाद नोएडा पुलिस की टीम सोसायटी में मेंटेनेंस कर्मचारियों से पूछताछ के लिए पहुंची।
सभी कर्मचारी पहले ही भाग चुके थे। गौरतलब है कि निवेदिता के पति ने बिल्डर, आरडब्ल्यूए पर लापरवाही की एफआईआर दर्ज कराई है। हालांकि सोसायटी की आरडब्ल्यूए का कार्यकाल समाप्त हो चुका है।
शिकायत पर भी गार्ड ने चलाई थी गोली
शनिवार को निवेदिता के साथ हुए लिफ्ट हादसे से करीब 10 मिनट पहले ही जे ब्लॉक की उसी लिफ्ट से डिंपल आई थीं। उस दौरान लिफ्ट में झटके लगने के साथ ही लिफ्ट से आवाज भी आ रही थी।
इसके बाद डिंपल ने गार्ड को लिफ्ट खराब होने की सूचना दी और लिफ्ट बंद करने के लिए कहा। लेकिन गार्ड ने फिर भी लिफ्ट नहीं बंद की। कुछ ही देर में निवेदिता के साथ यह दुर्घटना घट गई।
एक भी लिफ्ट काम करने योग्य नहीं
घटना के दो दिन बाद जीडीए अधिकारियों की नींद टूटी। सुबह 10 बजे जीडीए के अधिकारियों ने लिफ्ट कंपनी के साथ जांच की। इसके बाद लिफ्ट कंपनी ने बताया कि एक भी लिफ्ट काम करने की स्थिति में नहीं है।
मेंटेनेंस नहीं होने के चलते लिफ्ट के सभी पार्ट्स खराब हो चुके हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि किसी भी लिफ्ट में स्टेबलाइजर नहीं लगा है।
लिफ्ट कंपनी ने 16 मई 2014 को बिल्डर को लिखित रूप में स्टेबलाइजर लगाने के लिए कहा था। बावजूद इसके बिल्डर ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया।
इस दौरान रेजिडेंट्स ने कंपनी से पूछा कि उन्होंने इसका विरोध क्यों नहीं किया इस पर कंपनी ने कोई जवाब नहीं दिया। कंपनी ने कहा कि वह शनिवार को खराब पड़ी लिफ्टों के बाहर नोटिस लगाकर लिफ्ट के इस्तेमाल करने के लिए मना कर दिया जाएगा।
बैठक में लिफ्ट कंपनी ने बिल्डर के साथ हुए मेंटेनेंस कांट्रेक्ट को रेजिडेंट्स को हैंडओवर कर दिया। मंगलवार को जीडीए वीसी के साथ रेजिडेंट्स, लिफ्ट कंपनी और जीडीए की बैठक होगी। इस दौरान जीडीए के सहायक अभियंता मनोज सागर, जेई गिरजा शंकर मल, डीके मौर्या, कपिल सिंघल, डिंपल, आशु तनेजा, हरवंश सिंह आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।
हादसों से बचने को आरडब्ल्यूए अलर्ट
निहो स्कॉटिस में लिफ्ट की घटना पर लगाम लगाने के लिए टीएचए की आरडब्ल्यूए अलर्ट हो गई हैं। इलाके की सभी एओए ने सोसायटीज की लिफ्ट की मेंटेनेंस का काम शुरू कर दिया है।
इस दौरान रेजिडेंट्स ने लिफ्ट की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए लिफ्ट संबंधी सुझाव भी एक्सपर्ट से पूछे। मेंटेनेंस एजेंसी ने कहा कि आरडब्ल्यूए को ध्यान रखना चाहिए की लिफ्ट अच्छी कंपनी की लगी हो। साथ ही हैंडओवर से पहले भी लिफ्ट की जांच कराना भी जरूरी है।
शनिवार को निहो स्कॉटिस सोसायटी में हुए हादसे के बाद लोगों में दहशत है। समस्या को देखते हुए फेडरेशन ऑफ एओए ने सभी आरडब्ल्यूए के व्हाट्स एप ग्रुप पर सूचना जारी कर दी थी। जिसमें लिफ्ट की मेंटेनेंस कराने के साथ ही जो पार्ट खराब हो चुके हैं, उन्हें फौरन बदल दिया जाए।
इसी के मद्देनजर सोमवार को सभी सोसायटी में लिफ्टों की जांच कराई गई। एओए के पदाधिकारियों ने कहा कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए खुद ही लोगों को अलर्ट होना पड़ेगा।
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गनीमत रही कि लिफ्ट सातवीं मंजिल पर कुछ देर के लिए अटक गई वरना बड़ा हादसा हो सकता था। गौरतलब है कि रविवार को भी इसी लिफ्ट से हादसा हुआ था। गुस्साए रेजीडेंट्स ने बिल्डर की गिरफ्तारी की मांग की है।
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सोसायटी के फ्लैट नंबर 902 में रहने वाले चंदन और निमेश शाम पांच बजे ग्राउंड फ्लोर पर खेलने जा रहे थे। दोनों नवीं मंजिल से लिफ्ट में सवार हुए। दरवाजा बंद ही हुआ था कि लिफ्ट झटके के साथ नीचे की ओर चली।
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इसके बाद सातवीं मंजिल पर आकर अटक गई। दोनों कुछ समझते इससे पहले ही लिफ्ट फिर तेजी से ग्राउंड फ्लोर पर जा रुकी। झटका लगने से चंदन और निमेश लिफ्ट में गिर गए, जिससे दोनों को मामूली खराेंचें आईं।
बच्चों के चिल्लाने की आवाज सुनकर हड़कंप मच गया। लोग दोनों बच्चों को पास के निजी अस्पताल लेकर भागे, जहां उनका एक्स-रे किया गया। हालांकि डॉक्टरों ने बड़ी चोट से इंकार किया।
उधर, सोसायटी के रेजीडेंट डीके मौर्या ने बताया कि सभी रेजीडेंट्स को सूचित कर दिया गया है कि बच्चों के लिफ्ट में जाने न दें।
दूसरी ओर बिल्डर दीपक आनंद ने बताया कि लिफ्ट मेंटेनेंस का काम निजी कंपनी को दिया गया है। अगर लिफ्ट में गड़बड़ी हुई तो वह भी जांच कराएंगे।
चोटिल निवेदिता बिल्डर के खिलाफ देंगी धरना
शनिवार को हादसे में घायल हुईं निवेदिता ने पुलिस के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया है। निवेदिता ने ‘अमर उजाला’ को फोन पर बताया कि एफआईआर में बिल्डर पर लगाई धाराएं बेहद हल्की हैं।
निवेदिता का कहना है कि अस्पताल से डिस्चार्ज होते ही वह सीधे नोएडा सेक्टर-58 थाने जाएंगी और धरने पर बैठेंगी। तब तक घर नहीं जाएंगी जब तक बिल्डर की गिरफ्तारी नहीं होती।
बिल्डर की गलतियों से सोसायटी के हजारों रेजिडेंट्स और उनके बच्चों की जान जोखिम में है। उधर, बिल्डर पर एफआईआर के बाद नोएडा पुलिस की टीम सोसायटी में मेंटेनेंस कर्मचारियों से पूछताछ के लिए पहुंची।
सभी कर्मचारी पहले ही भाग चुके थे। गौरतलब है कि निवेदिता के पति ने बिल्डर, आरडब्ल्यूए पर लापरवाही की एफआईआर दर्ज कराई है। हालांकि सोसायटी की आरडब्ल्यूए का कार्यकाल समाप्त हो चुका है।
शिकायत पर भी गार्ड ने चलाई थी गोली
शनिवार को निवेदिता के साथ हुए लिफ्ट हादसे से करीब 10 मिनट पहले ही जे ब्लॉक की उसी लिफ्ट से डिंपल आई थीं। उस दौरान लिफ्ट में झटके लगने के साथ ही लिफ्ट से आवाज भी आ रही थी।
इसके बाद डिंपल ने गार्ड को लिफ्ट खराब होने की सूचना दी और लिफ्ट बंद करने के लिए कहा। लेकिन गार्ड ने फिर भी लिफ्ट नहीं बंद की। कुछ ही देर में निवेदिता के साथ यह दुर्घटना घट गई।
एक भी लिफ्ट काम करने योग्य नहीं
घटना के दो दिन बाद जीडीए अधिकारियों की नींद टूटी। सुबह 10 बजे जीडीए के अधिकारियों ने लिफ्ट कंपनी के साथ जांच की। इसके बाद लिफ्ट कंपनी ने बताया कि एक भी लिफ्ट काम करने की स्थिति में नहीं है।
मेंटेनेंस नहीं होने के चलते लिफ्ट के सभी पार्ट्स खराब हो चुके हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि किसी भी लिफ्ट में स्टेबलाइजर नहीं लगा है।
लिफ्ट कंपनी ने 16 मई 2014 को बिल्डर को लिखित रूप में स्टेबलाइजर लगाने के लिए कहा था। बावजूद इसके बिल्डर ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया।
इस दौरान रेजिडेंट्स ने कंपनी से पूछा कि उन्होंने इसका विरोध क्यों नहीं किया इस पर कंपनी ने कोई जवाब नहीं दिया। कंपनी ने कहा कि वह शनिवार को खराब पड़ी लिफ्टों के बाहर नोटिस लगाकर लिफ्ट के इस्तेमाल करने के लिए मना कर दिया जाएगा।
बैठक में लिफ्ट कंपनी ने बिल्डर के साथ हुए मेंटेनेंस कांट्रेक्ट को रेजिडेंट्स को हैंडओवर कर दिया। मंगलवार को जीडीए वीसी के साथ रेजिडेंट्स, लिफ्ट कंपनी और जीडीए की बैठक होगी। इस दौरान जीडीए के सहायक अभियंता मनोज सागर, जेई गिरजा शंकर मल, डीके मौर्या, कपिल सिंघल, डिंपल, आशु तनेजा, हरवंश सिंह आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।
हादसों से बचने को आरडब्ल्यूए अलर्ट
निहो स्कॉटिस में लिफ्ट की घटना पर लगाम लगाने के लिए टीएचए की आरडब्ल्यूए अलर्ट हो गई हैं। इलाके की सभी एओए ने सोसायटीज की लिफ्ट की मेंटेनेंस का काम शुरू कर दिया है।
इस दौरान रेजिडेंट्स ने लिफ्ट की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए लिफ्ट संबंधी सुझाव भी एक्सपर्ट से पूछे। मेंटेनेंस एजेंसी ने कहा कि आरडब्ल्यूए को ध्यान रखना चाहिए की लिफ्ट अच्छी कंपनी की लगी हो। साथ ही हैंडओवर से पहले भी लिफ्ट की जांच कराना भी जरूरी है।
शनिवार को निहो स्कॉटिस सोसायटी में हुए हादसे के बाद लोगों में दहशत है। समस्या को देखते हुए फेडरेशन ऑफ एओए ने सभी आरडब्ल्यूए के व्हाट्स एप ग्रुप पर सूचना जारी कर दी थी। जिसमें लिफ्ट की मेंटेनेंस कराने के साथ ही जो पार्ट खराब हो चुके हैं, उन्हें फौरन बदल दिया जाए।
इसी के मद्देनजर सोमवार को सभी सोसायटी में लिफ्टों की जांच कराई गई। एओए के पदाधिकारियों ने कहा कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए खुद ही लोगों को अलर्ट होना पड़ेगा।