फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Tensions flare after 'Free Umar Khalid' is written on JNU walls

Delhi NCR News: जेएनयू की दीवारों पर फ्री उमर खालिद लिखने से माहौल गरमाया

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 24 Oct 2026 09:11 PM IST
विज्ञापन
-एबीवीपी ने वामपंथी छात्र संगठन पर नारे लिखने का लगाया आरोप
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में शनिवार को विवादित नारे लिखे जाने का मामला सामने आया है। स्कूल ऑफ सोशल साइंस की दीवारों पर फ्री उमर खालिद और नक्सलबाड़ी जिंदाबाद जैसे नारे लिखे गए हैं। साथ ही, परिसर में लगी वीर सावरकर की फोटो पर आपत्तिजनक लेखन कर दिया गया है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की जेएनयू इकाई ने इस घटना के लिए वामपंथी छात्र संगठन आइसा को जिम्मेदार ठहराया है। एबीवीपी के अनुसार, आइसा के कार्यकर्ताओं ने वीर सावरकर की फोटो के साथ आपत्तिजनक लेखन और दीवारों पर विवादित नारे लिखे हैं। एबीवीपी ने छात्र संघ की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्र हितों के बजाय ऐसे नारों को बढ़ावा देना दुर्भाग्यपूर्ण है। उमर खालिद वर्ष 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े राष्ट्र विरोधी षड्यंत्र के आरोप में जेल में बंद हैं।
विज्ञापन

एबीवीपी जेएनयू अध्यक्ष मयंक पंचाल ने कहा कि विचारों की स्वतंत्रता का अर्थ राष्ट्रीय व्यक्तित्वों के प्रति अपमानजनक व्यवहार करना नहीं है। एबीवीपी जेएनयू मंत्री प्रवीण पीयूष ने कहा कि वामपंथी संगठन विश्वविद्यालय का माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन से जिम्मेदार लोगों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की गई है। इस मामले पर आइसा की खबर लिखे जाने तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।
विज्ञापन
विज्ञापन


विश्वविद्यालय का माहौल बिगाड़ने का प्रयास

एबीवीपी जेएनयू मंत्री प्रवीण पीयूष ने कहा कि वामपंथी संगठनों द्वारा विश्वविद्यालय का माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। विश्वविद्यालय किसी एक विचारधारा की जागीर नहीं है। असहमति का अधिकार सभी को है। लेकिन सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, राष्ट्रीय नायकों का अपमान करना और उग्र राजनीतिक नारों के माध्यम से परिसर में तनाव पैदा करना छात्रहित में नहीं है। वहीं इस संबंध में विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि दीवारों पर से नारों को हटवाया जाएगा और नारे लिखने वाले छात्रों की पहचान की जाएगी। उधर, इस मामले पर जेएनयू छात्र और छात्र संगठन आइसा की खबर लिखे जाने तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed