दिल्ली में दो गुटों के बीच संघर्ष, तीन घायल
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इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक शनिवार देर शाम दक्षिणी दिल्ली में पीपल के एक पेड़ को काटने को लेकर दो गुटों में विवाद हो गया। बीके कालोनी के पास जोरबाग करबला के सदस्यों और स्थानीय निवासियों के बीच तनाव इतना बढ़ा कि दोनों गुटों के बीच दो घंटे तक पथराव होता रहा। हिंसा में तीन लोगों के घायल होने की खबर है।
यह घटना शनिवार शाम करीब साढ़े सात बजे हुई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि शनिवार शाम करीब साढ़े सात बजे पुलिस कंट्रोल रूम को इस इलाके में पथराव की सूचना दी गई।
हालांकि अभी तक इस मामले में किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। तनाव को देखते हुए इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है।
इस घटना से स्थानीय निवासी इतने नाराज थे कि पुलिस के समझाने के बाद भी उन्होंने अपने घरों में जाने से इनकार कर दिया। पेड़ काटे जाने से नाराज लगभग 200 लोग अपने घरों से बाहर आ गए और विरोधी गुट को रोकने की कोशिश करने लगे।
तनाव को देखते हुए इलाके में दक्षिण दिल्ली के डीसीपी, तीन एसीपी, आठ से दस एसएचओ सहित पुलिस फोर्स को तैनात किया गया है।
तनाव बढ़ने का कारण अभी तक नहीं पता
पुलिस के मुताबिक तनाव के बढ़ने की अलग-अलग वजहें बताई जा रही हैं। स्थानीय निवासियों के मुताबिक स्थानीय करबला के कुछ सदस्य शाम छह बजे के करीब पीपल को पेड़ को काटने की कोशिश कर रहे थे। जब स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया तो पेड़ काटने वाले आरे को एक लड़के के सामने बढ़ाते हुए उसे डराने की कोशिश की गई।
घटना से नाराज स्थानीय लोग मस्जिद के बाहर जमा हो गए और शांतिपूर्ण विरोध करने लगे। इस पर करबला के सदस्यों ने उन पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। उन्होंने मस्जिद के बाहर लगे एक बैनर में आग भी लगा दी।
जबकि स्थानीय करबला के एक सदस्य का कहना है कि ये सारे आरोप झूठे हैं। पीपल का यह पेड़ पिछले 25 सालों से करबला क्षेत्र में है। हमनें कभी भी इसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश नहीं की क्योंकि हमें पता है कि इससे तनाव बढ़ सकता है।
मोहर्रम के पहले हम हर साल करबला की सफाई करते हैं। सफाई के दौरान ही कुछ लोग भड़क गए और हम पर पथराव शुरू कर दिया।