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तेज ने बनाई दुनिया की सबसे लंबी पशमीना शॉल
ओम प्रकाश/ अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Fri, 06 Feb 2015 06:57 PM IST
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रिकार्ड बनाने के लिए लोग क्या-क्या नहीं करते। ऐसा ही एक मामला बेहद कीमती माने जाने वाली पशमीना शॉल से जुड़ा है। नेपाल के एक शख्स ने 167 मीटर लंबी शॉल बना डाली। इसकी कीमत करीब 1.5 करोड़ भारतीय रुपये है।
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भागलपुर, बिहार से नेपाल जा बसे तेल नारायण राम और उनके परिवार की कारीगरी स्विटजरलैंड और इंग्लैंड तक पहुंच चुकी है। उनका लक्ष्य गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में नाम दर्ज करवाना है।
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इन दिनों तेज की यह शॉल स्विटजरलैंड के अलग-अलग शहरों में प्रदर्शित होकर भारत और नेपाल का नाम रौशन कर रही है। इसका वजन आठ किलो है। इसे बनाने में करीब चार माह का वक्त लगा है।
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चार डिजाइन में बनी यह शॉल रिकार्ड कायम करने के बाद टुकड़ों में बिक जाएगी। इसकी बुकिंग पहले से ही नंबरिंग के आधार पर हो चुकी है।
उनका दावा है कि यह दुनिया में अब तक की सबसे लंबी शॉल है। उनकी कारीगरी इन दिनों यूरोपियन अखबारों में छाई हुई है। तेज नारायण का सूरजकुंड मेले में स्टाल लगा हुआ है।
भागलपुरी सिल्क बनाने वाले तेजनारायण कुछ कारणों से 1985 में नेपाल जा बसे। वहां उन्होंने पशमीना शॉल बनाना शुरू कर दिया। फिर वे सार्क देशों के ग्रुप में सूरजकुंड मेले में आने लगे।
यहां उन्हें मिले विदेशी सैलानी। उनकी बनाई पशमीना शॉल की गुणवत्ता देखकर स्विटजरलैंड से लेकर फ्रांस और जर्मनी तक के सैलानी फिदा हो गए।
तेज के मुताबि जितना सामान सूरजकुंड मेले में बिकता है, उससे कहीं अधिक का आर्डर मिलता है। इसके जरिए वर्षों तक नियमित आय होती रहती है। उनका कहना है कि अमेरिका, जापान और इंग्लैंड में पशमीना की खासी मांग है।
मेले की वजह से और कई देशों के सैलानी संपर्क में आ रहे हैं। इससे कारोबार बढ़ रहा है। इसमें उनकी बेटी पूजा भारती भी बखूबी सहयोग कर रही हैं।
तेज नारायण ही कहानी इंग्लैंड के गार्जियन अखबार तक भी पहुंच चुकी है। गार्जियन ने ऐसे लोगों पर निकाली गई अपनी पत्रिका ‘एक्सक्लूसिव-विंटर’ में इन्हें जगह दी।