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Delhi NCR News: नेपाली-गोरखाली संस्कृति के साथ दिल्ली में गूंजे तीज के गीत
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- हरितालिका तीज महोत्सव में महिलाओं की आस्था, परंपरा और नारी शक्ति का मेल
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। इंदिरा गांधी स्टेडियम रविवार को हरितालिका तीज के रंग में रंगा नजर आया। नेपाली और गोरखाली समाज की महिलाओं ने पारंपरिक गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ तीज का उत्सव मनाया। हमरो स्वाभिमान ट्रस्ट की ओर से आयोजित हरितालिका तीज महोत्सव में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी हिस्सा लिया। इस अवसर पर समाज और राष्ट्र के लिए विशेष योगदान देने वाली दस विभूतियों को हमरो गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हरितालिका तीज की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व केवल व्रत तक सीमित नहीं है, बल्कि नारी के संकल्प और शक्ति की गाथा है। माता पार्वती के तप और संकल्प से जुड़ा तीज महिलाओं की आस्था, शक्ति और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने तीज को नेपाली और गोरखाली महिलाओं की शक्ति और स्वाभिमान का पर्व बताते हुए समाज की महिलाओं को शुभकामनाएं दीं।
महोत्सव में नेपाली और गोरखाली समाज की सांस्कृतिक परंपराओं और सहभागिता को प्रमुखता दी गई। दिल्ली में बड़ी संख्या में रहने वाले इस समाज के लोगों ने तीज के माध्यम से अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को सामने रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपाली और गोरखाली समाज की पहचान साहस, अनुशासन, ईमानदारी और निष्ठा से होती है। राष्ट्र की सुरक्षा के साथ शिक्षा, चिकित्सा, साहित्य, संगीत, खेल और व्यापार के क्षेत्र में भी समाज के लोगों का योगदान रहा है।
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दस विभूतियों को मिला सम्मान
कार्यक्रम में सैनिकों, शिक्षकों, किसानों, कलाकारों और अधिकारियों समेत समाज व राष्ट्र के लिए विशेष योगदान देने वाली दस विभूतियों को हमरो गौरव सम्मान प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने सम्मानित लोगों को दिल्ली सरकार और दिल्ली की जनता की ओर से बधाई दी।
कार्यक्रम में योग गुरु स्वामी रामदेव और आयुर्वेदाचार्य बालकृष्ण भी मौजूद रहे। संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि योग, आयुर्वेद और सनातन संस्कृति भारत के साथ पूरी दुनिया के लिए ज्ञान और स्वस्थ जीवन का मार्ग हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन परंपराओं को आगे बढ़ाने के साथ समाज में एकता, सेवा और सहयोग की भावना को भी मजबूत करते हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। इंदिरा गांधी स्टेडियम रविवार को हरितालिका तीज के रंग में रंगा नजर आया। नेपाली और गोरखाली समाज की महिलाओं ने पारंपरिक गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ तीज का उत्सव मनाया। हमरो स्वाभिमान ट्रस्ट की ओर से आयोजित हरितालिका तीज महोत्सव में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी हिस्सा लिया। इस अवसर पर समाज और राष्ट्र के लिए विशेष योगदान देने वाली दस विभूतियों को हमरो गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हरितालिका तीज की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व केवल व्रत तक सीमित नहीं है, बल्कि नारी के संकल्प और शक्ति की गाथा है। माता पार्वती के तप और संकल्प से जुड़ा तीज महिलाओं की आस्था, शक्ति और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने तीज को नेपाली और गोरखाली महिलाओं की शक्ति और स्वाभिमान का पर्व बताते हुए समाज की महिलाओं को शुभकामनाएं दीं।
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महोत्सव में नेपाली और गोरखाली समाज की सांस्कृतिक परंपराओं और सहभागिता को प्रमुखता दी गई। दिल्ली में बड़ी संख्या में रहने वाले इस समाज के लोगों ने तीज के माध्यम से अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को सामने रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपाली और गोरखाली समाज की पहचान साहस, अनुशासन, ईमानदारी और निष्ठा से होती है। राष्ट्र की सुरक्षा के साथ शिक्षा, चिकित्सा, साहित्य, संगीत, खेल और व्यापार के क्षेत्र में भी समाज के लोगों का योगदान रहा है।
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दस विभूतियों को मिला सम्मान
कार्यक्रम में सैनिकों, शिक्षकों, किसानों, कलाकारों और अधिकारियों समेत समाज व राष्ट्र के लिए विशेष योगदान देने वाली दस विभूतियों को हमरो गौरव सम्मान प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने सम्मानित लोगों को दिल्ली सरकार और दिल्ली की जनता की ओर से बधाई दी।
कार्यक्रम में योग गुरु स्वामी रामदेव और आयुर्वेदाचार्य बालकृष्ण भी मौजूद रहे। संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि योग, आयुर्वेद और सनातन संस्कृति भारत के साथ पूरी दुनिया के लिए ज्ञान और स्वस्थ जीवन का मार्ग हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन परंपराओं को आगे बढ़ाने के साथ समाज में एकता, सेवा और सहयोग की भावना को भी मजबूत करते हैं।