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Delhi NCR News: बीएलओ ड्यूटी के विरोध में अध्यापक संघ ने उठाई आवाज
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य में शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने पर चिंता जताई है। संघ का कहना है कि गैर-शैक्षणिक कार्यों के कारण विद्यालयों की शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है और शिक्षकों पर अतिरिक्त मानसिक दबाव बढ़ रहा है। संघ के जिला प्रधान थान सिंह शर्मा, सचिव हुकमचंद शर्मा, राजेश भारद्वाज और प्रचार सचिव जगदीश डागर ने संयुक्त बयान में कहा कि 15 जून से शुरू हुए एसआईआर अभियान में बड़ी संख्या में अध्यापकों को बीएलओ ड्यूटी पर लगाया गया है। इसके चलते कई विद्यालयों में शिक्षकों की कमी हो गई है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
संघ पदाधिकारियों का कहना है कि मतदाता सत्यापन कार्य के लिए निर्धारित समय होने के बावजूद अधिकारियों द्वारा कम समय में लक्ष्य पूरा करने का दबाव बनाया जा रहा है। शिक्षकों से दिन में कई बार प्रगति रिपोर्ट मांगी जा रही है। उन्होंने बताया कि कई क्षेत्रों में मतदाताओं का सत्यापन और प्रपत्र भरवाना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है, जबकि इस कार्य के लिए पर्याप्त तकनीकी सहयोग भी उपलब्ध नहीं कराया गया है। संघ ने सरकार से शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त कर शिक्षा व्यवस्था को सुचारु रखने की मांग की है।
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पलवल। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य में शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने पर चिंता जताई है। संघ का कहना है कि गैर-शैक्षणिक कार्यों के कारण विद्यालयों की शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है और शिक्षकों पर अतिरिक्त मानसिक दबाव बढ़ रहा है। संघ के जिला प्रधान थान सिंह शर्मा, सचिव हुकमचंद शर्मा, राजेश भारद्वाज और प्रचार सचिव जगदीश डागर ने संयुक्त बयान में कहा कि 15 जून से शुरू हुए एसआईआर अभियान में बड़ी संख्या में अध्यापकों को बीएलओ ड्यूटी पर लगाया गया है। इसके चलते कई विद्यालयों में शिक्षकों की कमी हो गई है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
संघ पदाधिकारियों का कहना है कि मतदाता सत्यापन कार्य के लिए निर्धारित समय होने के बावजूद अधिकारियों द्वारा कम समय में लक्ष्य पूरा करने का दबाव बनाया जा रहा है। शिक्षकों से दिन में कई बार प्रगति रिपोर्ट मांगी जा रही है। उन्होंने बताया कि कई क्षेत्रों में मतदाताओं का सत्यापन और प्रपत्र भरवाना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है, जबकि इस कार्य के लिए पर्याप्त तकनीकी सहयोग भी उपलब्ध नहीं कराया गया है। संघ ने सरकार से शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त कर शिक्षा व्यवस्था को सुचारु रखने की मांग की है।
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