फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Target to complete regularization of unauthorized colonies and rehabilitation of slums by 2025

Delhi: 2025 तक हो कच्ची कॉलोनियों का नियमितीकरण-झुग्गियों का पुनर्वास, एलजी ने अधिकारियों को दिया ये निर्देश

Mon, 25 Dec 2023 11:34 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Mon, 25 Dec 2023 11:34 PM IST
सार

एलजी ने अधिकारियों को एक माह के भीतर पूरी योजना की विस्तृत कार्य योजना देने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि इन सभी कार्यों को संसद से पारित अधिनियम के तहत प्रदान की गई 2026 की समय सीमा से कम से कम एक साल पहले पूरा किया जाना चाहिए।

विज्ञापन
Target to complete regularization of unauthorized colonies and rehabilitation of slums by 2025
वीके सक्सेना, उपराज्यपाल दिल्ली। - फोटो : social media

विस्तार

दिल्ली में अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण और झुग्गियों के पुनर्वास का काम साल 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने सोमवार को संसद से पास राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली कानून (विशेष प्रावधान), 2023 को लेकर दिल्ली के मुख्य सचिव, एसीएस (यूडी), प्रधान सचिव (पीडब्ल्यूडी), उपाध्यक्ष (डीडीए), आयुक्त (एमसीडी) और विभिन्न संबंधित विभागों व एजेंसियों के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में पीएम-उदय और पीएमएवाई (शहरी) के तहत अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण और झुग्गीवासियों के पुनर्वास से संबंधित कार्यों की प्रगति और स्थिति का जायजा लिया गया।

विज्ञापन


बैठक के बाद एलजी ने अधिकारियों को एक माह के भीतर पूरी योजना की विस्तृत कार्य योजना देने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि इन सभी कार्यों को संसद से पारित अधिनियम के तहत प्रदान की गई 2026 की समय सीमा से कम से कम एक साल पहले पूरा किया जाना चाहिए।

विज्ञापन

बता दें कि दिल्ली के मास्टर प्लान (एमपीडी)-2041 के तहत सभी अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण और झुग्गियों के पुनर्वास पर काम किया जा रहा है। इसमें योजनाबद्ध तरीके से स्थायी समाधान निकालकर इनका विकास किया जाएगा। इसके लिए डीडीए पीएम-उदय, पीएमएवाई और लैंड पूलिंग पॉलिसी को लेकर काम कर रहा है।

कोरोना महामारी के कारण लंबे समय तक काम लटका
अधिकारियों ने उपराज्यपाल को बताया कि अनधिकृत कॉलोनियों की सीमाओं का सही से निर्धारण न होना, कट ऑफ डेट को बार-बार बढ़ाना, झुग्गी बस्तियों की संख्या और लोकेशन को निश्चित न कर पाने से नियमितीकरण और पुनर्वास का काम लंबे समय से लटक रहा है। इसके लिए साल 2019 में पीएम-उदय और पीएमएवाई योजनाएं लाई गई थीं। हालांकि उस समय कोरोना आने के बाद यह काम लंबे समय तक लटक गया। इस पर उपराज्यपाल ने चिंता जताते हुए कहा कि यह अधिनियम विभिन्न संस्करणों में दिसंबर, 2006 से लागू है और अगर महामारी के कारण हुई बाधाओं को भी मान लिया जाए तो भी यह मामला बिना किसी विशेष कारण के अब तक लटका हुआ है।

लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं
एलजी ने आदेश दिया कि अनियमित कॉलोनियों के पंजीकरण, सत्यापन और उसके बाद नियमितीकरण के लिए एक ठोस समयबद्ध कार्य योजना लेकर आएं। साथ ही इस प्रक्रिया को सरल और परेशानी मुक्त बनाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि इस संबंध में किसी भी तरह की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

5 किमी के दायरे में वैकल्पिक स्थलों की पहचान करेगा डीडीए
उपराज्यपाल ने मलिन बस्तियों के पुनर्वास के संबंध में, जहां पुनर्वास उसी जगह संभव नहीं है, वहां नियमानुसार डीडीए को तुरंत 5 किलोमीटर के दायरे में वैकल्पिक स्थलों की पहचान करने का निर्देश दिया। साथ ही झुग्गीवासियों को पहले से ही बने फ्लैटों व घरों में पुनर्वासित करने का निर्देश दिया। इन फ्लैटों का निर्माण विभिन्न योजनाओं के तहत पहले ही किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed