घर वापसी में करेंगे मदद: मद्रासी कैंप में बेघर हुए लोगों के लिए तमिलनाडु सरकार का एलान, लोग कर रहे ये मांग
राजधानी दिल्ली के जंगपुरा स्थित मद्रासी कैंप में बेघर हुए लोगों के लिए तमिलनाडु सरकार ने एलान किया है। तमिलनाडु सरकार तमिल मूल के लोगों की घर वापसी में मदद करेगी। मद्रासी कैंप से अब तक कुल 370 अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं।
विस्तार
तमिलनाडु सरकार मद्रासी कैंप के उन निवासियों की सहायता करेगी, जो तमिलनाडु में अपने मूल जिलों में वापस जाना चाहते हैं। साथ ही आजीविका और अन्य आवश्यक आवश्यकताओं के लिए उन्हें सहायता देगी।
दिल्ली में रहने वाले तमिल मणि ने तमिलनाडु सरकार की ओर से मदद की पेशकश पर कहा कि उन्हें अभी मद्रास में पहले से मौजूद लोगों को नौकरी देनी चाहिए, और फिर उन्हें हमें बुलाना चाहिए। लोग वहां क्यों भटक रहे हैं? पहले उन्हें तमिलनाडु को संभालना चाहिए, फिर उन्हें दिल्ली को देखना चाहिए। अगर उन्होंने हमें नौकरी दी होती, तो हम तमिलनाडु से दिल्ली क्यों आते।
#WATCH | Delhi | The Government of Tamil Nadu shall assist the residents of Madrasi Camp who choose to return to their native districts in Tamil Nadu. Support for livelihood and other essential needs will be extended to them: Government of Tamil Nadu
— ANI (@ANI) June 2, 2025
Visuals from Madrasi Camp in… pic.twitter.com/hhOb4swCRf
तमिलनाडु के रहने वाले एक शख्स ने कहा कि अगर वे हमें नौकरी और घर देते हैं तो हम वापस तमिलनाडु चले जाएंगे। हमें विश्वास है कि एमके स्टेनिक ऐसा करेंगे अगर वे ऐसा कहते हैं। हम यहां मजदूरी का काम करते हैं। हमें जो भी काम दिया जाएगा, हम करेंगे।
जंगपुरा स्थित मद्रासी कैंप में रविवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रही। यह अभियान बारापुला नाले के आसपास के क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने के लिए अदालत के आदेशों के तहत चलाया जा रहा है।
भारी बारिश के दौरान जल निकासी में बाधा और जलभराव की समस्या को दूर करने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की जा रही है। यहां नाला संकुचित होकर पानी के बहाव को रोक देता है। बारापूला से अतिक्रमण हटने के बाद नई दिल्ली व दक्षिण दिल्ली को जलभराव से निजात मिल सकेगी। यहां झुग्गी बसी होने के कारण नाले की सफाई नहीं हो रही थी।
हर मानसून में खान मार्केट, लोधी रोड और आसपास के सांसदों के आवासों तक में पानी भर गया था, जिससे इन घरों के भीतर रखे घरेलू सामान तक खराब हो गए थे। नाले की सफाई को लेकर इस वर्ष की शुरुआत में राजधानी में सत्ता परिवर्तन होने के बाद उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, संबंधित मंत्रियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ दो बार इलाके का निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मानसून से पहले हर हाल में इस नाले की सफाई पूरी की जाए।
370 अतिक्रमण अब तक हटाए जा चुके हैं
अब तक कुल 370 अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं। इनमें से 189 निवासियों को पात्र मानते हुए नरेला में फ्लैट आवंटित किए गए हैं, जबकि 181 लोग पुनर्वास के लिए अयोग्य पाए गए हैं।