Delhi Riots: अदालत ने माना, ताहिर हुसैन ने लोगों को भड़काया जो ले सकते थे किसी की भी जान

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Updated Fri, 23 Oct 2020 11:40 AM IST
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दिल्ली दंगे: ताहिर हुसैन पर लगे आरोप
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सार

  • अदालत ने तीन मामलों में जमानत याचिका खारिज करते हुए की टिप्पणी

विस्तार

दिल्ली में हुए दंगों को लेकर अदालत ने कहा कि मौके पर ताहिर हुसैन की मौजूदगी की पुष्टि के पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं और उसने समुदाय विशेष के दंगाइयों को भड़काया। उसने बेशक अपने हाथों और मुक्कों का इस्तेमाल नहीं किया लेकिन उसने दंगों के लिए लोगों का हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जो उसके इशारे पर किसी की भी हत्या कर सकते थे। 
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अदालत ने कहा कि जब इलाके में दंगे हुए उस समय आरोपी पार्षद होने के नाते पावरफुल पोजीशन में था और यह साफ है कि उसने अपने बाहुबल तथा राजनीतिक ताकत का इस्तेमाल सांप्रदायिक दंगों की आग लगाने और फैलाने के लिए किया। आरोपी के खिलाफ अभियोजन के आरोप बेहद गंभीर हैं। 
गवाहों के बयान देरी से दर्ज करने की दलील खारिज
अदालत ने बचाव पक्ष की उस दलील को खारिज कर दिया कि पुलिस ने गवाहों के बयान पुलिस ने काफी विलंब से दर्ज किए। अदालत ने कहा ऐसा उस हालात में कहा जा सकता है जब पुलिस गवाहों को जानती थी और उसके बाद भी बयान दर्ज करने में देरी की। दंगा मामले में पुलिस को कोई आइडिया नहीं होता कि कौन इसका गवाह है। ऐसे मामलों में ज्यादातर बयान देने सामने नहीं आते। 

अदालत ने कि दंगें वाले दिन दयालपुर इलाके से पीसीआर को करीब दस हजार कॉल मिली थीं। इसके बाद पुलिस ने इन कॉल के आधार पर गवाहों को तलाश किया। इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि गवाहों के बयान दर्ज करने में देरी हुई। इस मामले में आम गवाह आरोपी के इलाके के निवासी हैं और अगर उसे जमानत दी जाती है तो वह उन्हें धमका सकता है। 

आरोपी को अच्छी तरह जानते हैं लोग 
अदालत ने कहा बेशक किसी भी सीसीटीवी फुटेज में आरोपी नहीं दिख रहा है लेकिन इसके कई अन्य साक्ष्य हैं। कई गवाहों ने उसके वहां होने की पुष्टि की है। यह गवाह उसके इलाके के हैं और राजनेता होने के नाते उसे अच्छी तरह जानते हैं। इसलिए इन गवाहों के बयानों को दरकिनार नहीं किया जा सकता। इसके अलावा आरोपी के सीडीआर से भी आरोपी के वहां होने की पुष्टि हुई है। 

हालांकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता केके मनन ने कहा कि आरोपी को पुलिस और राजनीतिक दुश्मनों ने झूठे मामले में परेशान करने के लिए फंसाया है। वहीं अभियोजन के विशेष अधिवक्ता मनोज चौधरी ने कहा कि ताहिर हुसैन इन दंगों का मास्टर माइंड और मुख्य साजिशकर्ता है। 

ये थे ताहिर के खिलाफ मामले
इन मामलों में से एक दयालपुर स्थित उसके घर की छत पर 100 से ज्यादा दंगाइयों की मौजूदगी से जुड़ा है। इन दंगाइयों के पास पेट्रोल बम थे और जिन्हें वे दूसरे समुदाय के लोगों पर फेंक रहे थे। 
वहीं दूसरा मामला एक दुकान में लूटपाट तथा 20 लाख के नुकसान से जुड़ा है। तीसरा मामला भी एक अन्य दुकान में लूटपाट तथा आगजनी का है जिसमें पीड़ित को करीब 18 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
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