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सिस्टम कमाल! कैदियों से भी गोलमाल
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Thu, 11 Feb 2016 12:35 AM IST
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जेल में कैदियों के खाने में गोलमाल किया जा रहा है। यहां सप्लाई हो रहा खाद्यान्न तीसरी बार भी जांच में खरा नहीं उतरा। फूड सेफ्टी विभाग की टीम में गेहूं और चावल की गुणवत्ता खराब होने पर इसको मानकों पर फेल कर दिया है।
अब सप्लायर पर जुर्माना लगाकर भुगतान किया जाएगा। इससे पहले दो बार जेल में सप्लाई होने वाला गेहूं जांच में फेल हो गया है।
शासन ने जेलों में सप्लाई होने वाले खाद्यान्न की गुणवत्ता का नियमित परीक्षण करने के आदेश दिए हैं। कारागार में सप्लाई होने वाले गेहूं चावल में नवंबर और दिसंबर में खाद्यान्न की मिलावट मिली थी।
बुधवार को अफसरों की टीम ने सीएफएसओ मनोज तोमर के नेतृत्व में जेल में सप्लाई को आए गेहूं-चावल की जांच की। मानकों के अनुसार गेहूं में खराब गुणवत्ता वाला अनाज 17 फीसदी से ज्यादा और चावल में 25 फीसदी से ज्यादा पाया गया।
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इसके आधार पर गेहूं और चावल के सैंपल फेल कर सप्लायर पर जुर्माना लगाया है। डीओ विनीत कुमार सिंह ने बताया कि गेहूं का भुगतान तीन परसेंट और चावल का एक परसेंट कम दिया जाएगा।
इसके साथ ही सप्लाई को नोटिस जारी किया गया है कि वह भविष्य में सप्लाई खेप में सुधार लाए। जेल अधीक्षक के जनपद से बाहर होने के कारण उनसे संपर्क नहीं हो सका।
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अब सप्लायर पर जुर्माना लगाकर भुगतान किया जाएगा। इससे पहले दो बार जेल में सप्लाई होने वाला गेहूं जांच में फेल हो गया है।
शासन ने जेलों में सप्लाई होने वाले खाद्यान्न की गुणवत्ता का नियमित परीक्षण करने के आदेश दिए हैं। कारागार में सप्लाई होने वाले गेहूं चावल में नवंबर और दिसंबर में खाद्यान्न की मिलावट मिली थी।
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बुधवार को अफसरों की टीम ने सीएफएसओ मनोज तोमर के नेतृत्व में जेल में सप्लाई को आए गेहूं-चावल की जांच की। मानकों के अनुसार गेहूं में खराब गुणवत्ता वाला अनाज 17 फीसदी से ज्यादा और चावल में 25 फीसदी से ज्यादा पाया गया।
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इसके आधार पर गेहूं और चावल के सैंपल फेल कर सप्लायर पर जुर्माना लगाया है। डीओ विनीत कुमार सिंह ने बताया कि गेहूं का भुगतान तीन परसेंट और चावल का एक परसेंट कम दिया जाएगा।
इसके साथ ही सप्लाई को नोटिस जारी किया गया है कि वह भविष्य में सप्लाई खेप में सुधार लाए। जेल अधीक्षक के जनपद से बाहर होने के कारण उनसे संपर्क नहीं हो सका।