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स्वाइन फ्लू गया नहीं कि अब बर्ड फ्लू का खौफ
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Tue, 17 Mar 2015 01:29 PM IST
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स्वाइन फ्लू का वायरस अभी खत्म भी नही हुआ ऊपर से बर्ड फ्लू ने घेर लिया। प्रदेश में संक्रमण से पक्षियों की मौत होने और लोगों के चपेट में आने का सिलसिला तेजी से शुरू हो गया है।
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इससे लोगों में बीमारी की दहशत बढ़ गई है। इस बीमारी के खौफ से लोगों ने चिकन और अंडे-आमलेट का प्रयोग कम कर दिया था।
इससे इनकेदामोें में गिरावट आने के साथ ही लोग चिकन-कबाब वाले होटल में जाने से लोग परहेज करने लगे हैं। शासन ने भी बर्ड फ्लू को लेकर हाईअलर्ट घोषित कर दिया है।
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डर रहा इंसान, मुर्गा हुआ पहलवान
गाजियाबाद में रोजाना करीब 30 लाख रुपये का अंडे-चिकन का कारोबार है। यहां गाजियाबाद से सटी दिल्ली की मुर्गा मंडी गाजीपुर से बड़े पैमाने पर चिकन सप्लाई होता है।
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मुर्गे के थोक कारोबारी अजीज बिलाल ने बताया कि अच्छा चिकन 220 रुपये किलो बिक रहा था। सर्दियों के आगे बढ़ने और तापमान में गिरावट से कारोबार में उछाल आया था।
इसके साथ ही जनपद में करीब दो लाख अंडे की रोजाना की खपत है। बर्ड फ्लू के संक्रमण के बाद इसमें तेजी से गिरावट आई है।
चिकन अब 100-110 रुपये किलो में हैं, इसके बावजूद ग्राहक नहीं हैं। अंडों की बिक्री 50 हजार रोजाना पर आ गई है। चिकन की कई डिशेज के लिए मशहूर करीब 300 होटलों पर इसका असर पड़ रहा है।
25 पोल्ट्री फार्म के पांच लाख मुर्गों की होगी सैंपलिंग
सीडीओ कृष्णा करुणेश ने बताया कि बर्ड फ्लू की वजह से रेड अलर्ट जारी हो गया है। गाजियाबाद में तकरीबन 25 पोल्ट्रीफार्म है। इनमें करीब पांच लाख मुर्गे-मुर्गियां हैं।
शासन के दिशा निर्देश हैं कि प्रत्येक पाल्ट्रीफार्म की मुर्गियों की सैंपलिंग कराई जाए। जांच के लिए फिलहाल मुर्गियों की बीट को मेरठ की लैब में भेजा जाएगा।
जांच केबाद यदि किसी सैंपल में संदेह पाया गया तो, फिर उसके कनफर्र्मेशन के लिए सैंपल भोपाल भेजा जाएगा।
बीमारी के लक्षण
खांसी-जुकाम के साथ बुखार का होना, सांस लेने में परेशानी और अंगों में खिंचाव का अहसास
तेज सिरदर्द और बदनदर्द के साथ शरीर का टूटना, वायरल न्यूमोनिया का होना और इसका बढ़ते जाना
मल्टी आर्गन फेल्योर के लक्षण या अंगों का काम न करना
ऐसे फैलता फ्लू
कम उबले अंडों का सेवन करने से, कम पके आमलेट का प्रयोग करने से
कम उबला हुआ चिकन खाने से, पक्षियों के संपर्क में ज्यादा रहने से
ऐसे बचे फ्लू से
जब तक सैंपलिंग नहीं होती बाहर से कोई भी नई मुर्गी नहीं लाएं
अपरिचित व अनजान व्यक्ति को पोल्ट्री फार्म में नहीं घुसने दें
अधिकारी या कर्मचारी एक दिन में एक ही पोल्ट्री फार्म जाएं।
जब तक सैंपलिंग न हो तब तक मुर्गियों के कटान पर रोकें।