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नोएडा में अब स्वीडन के बने टायर किलर्स ब्रेकर लगेंगे, तकनीकी तौर पर होगा परीक्षण
Fri, 11 Jan 2019 06:35 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 11 Jan 2019 06:35 AM IST
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टायर किलर ब्रेकर
- फोटो : अमर उजाला
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नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-77 में टायर किलर्स ब्रेकर लगाए, लेकिन यहां इनको लेकर कई प्रकार के विवाद भी हुए। इसमें आम लोगों की शिकायतें आईं कि यह बेहतर काम नहीं करता और रांग साइड जाने वाले आसानी से निकल जा रहे हैं। इसे देखते हुए अब नोएडा प्राधिकरण अगले चरण में चार अन्य स्थानों पर स्वीडन में बने टायर किलर्स ब्रेकर लगाएगा। सेक्टर-77 में लगाए गए ब्रेकर्स देश में ही बने थे।
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प्राधिकरण के वर्क सर्किल-4 के सीनियर मैनेजर पीके गर्ग ने बताया कि अब स्वीडन के टायर किलर्स ब्रेकर लगाए जाएंगे। यह ब्रेकर सेक्टर-71 और 52 के बीच के यूटर्न पर लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि लोगों की शिकायतें आ रही हैं कि यह ज्यादा धारदार नहीं है। इससे टायरों को नुकसान नहीं हो रहा है। लेकिन लोगों को यह भी समझना चाहिए कि हम किसी का नुकसान नहीं करना चाहते हैं। अगर इसे बहुत ज्यादा धारदार बना दिया जाए तो टायर फटने के बाद वाहन असंतुलित हो सकता है और इससे उसे नुकसान भी पहुंच सकता है।
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उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का मकसद रांग साइड चलने पर लगाम लगाना है न कि किसी को नुकसान पहुंचाना। हमारा मकसद था कि यहां से रांग साइड चलने वालों को रोका जाए और उनको नियमों के तहत चलने पर जागरूक किया जाए। यही वजह है कि यहां से रांग साइड निकलने वाले 90 प्रतिशत वाहन चालक अब परहेज कर रहे हैं। इसमें ऑटो व चारपहिया वाहन चालक यहां से रांग साइड निकलने पर डर रहे हैं। यही प्राधिकरण का मकसद है।
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उन्होंने कहा कि हम यह परीक्षण कर रहे हैं कि सेक्टर-77 में लगा हुआ ब्रेकर कितना कारगर है। अगर यह सही तरीके से काम नहीं कर पाता तो अगले चरण में स्वीडन से मंगाया गया ब्रेकर ही लगाया जाएगा। इसके अलावा यहां जो भी खामियां हैं उसको वाहन चालकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुधारा जाएगा।