स्वामी ओम को 14 मार्च तक गिरफ्तार न करने के कोर्ट के निर्देश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महिला से छेड़छाड़ व धमकी देने के मामले में आरोपी बिग बॉस के प्रतिभागी रहे स्वामी ओम को गिरफ्तारी से फिलहाल अदालत ने राहत दे दी है। अदालत ने पुलिस को 14 मार्च तक स्वामी ओम को गिरफ्तार न करने का निर्देश दिया है।
तीस हजारी स्थित विशेष न्यायाधीश हिमानी मल्होत्रा ने स्वामी ओम को फिलहाल गिरफ्तार न करने का निर्देश देते हुये पुलिस को 14 मार्च तक दरियागंज थाने की सीसीटीवी फुटेज पेश करने का निर्देश दिया है।
स्वामी का दावा था कि घटना के दिन व समय वह दरियागंज थाने में पुलिस अधिकारियों के पास सुरक्षा मांगने गये थे। अदालत के समक्ष ओम के वकील एपी सिंह ने उक्त दलील दी।
अदालत ने 14 मार्च की सीसीटीवी फुटेज पेश करने का निर्देश दिया है
इसके बाद अदालत ने 14 मार्च की सीसीटीवी फुटेज पेश करने का निर्देश दिया है। अग्रिम जमानत याचिका पर इसके बाद आगे बहस होगी। मामले में आरोपी स्वामी ओम ने अग्रिम जमानत याचिका में कहा था कि उसे झूठे मामले में फंसाया गया है।
वह भारतीय संस्कृति का प्रचार कर रहा है और आसामाजिक तत्व उसके सामाजिक कार्यक्रमों को रोकना चाहते हैं। जिस दिन की घटना बताई जा रही है उस दिन वह पूरे दिन पुलिस के कई कार्यालय में गये थे। इसके अलावा स्वामी ओम ने यह भी कहा कि उसका स्वामी संतोष आनंद से कोई संबंध नहीं है।
आईपी एस्टेट थाना पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर स्वामी ओम व स्वामी संतोष आनंद के खिलाफ छेड़छाड़ व धमकी देने संबंधी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
महिला का आरोप था वह सात फरवरी को वह अपने घर लौट रही थी। राजघाट के नजदीक इन आरोपियों ने उसका रास्ता रोका और उससे गाली गलौज की। महिला का आरोप है कि जब उसने आरोपियों से छोड़ने की गुजारिश की तो वह उसे खींच कर अपने कमरे में ले गये और उससे दुष्कर्म का प्रयास किया। आरोपियों ने उसके कपड़े फाड़ दिये। इस बारे में शिकायत करने पर उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।