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दिल्ली: स्वामी चिदानंद और श्रीएम को मिला एपीजे अब्दुल कलाम अवार्ड
Sun, 28 Jul 2019 06:26 AM IST
Abhishek Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Abhishek Singh
Updated Sun, 28 Jul 2019 06:26 AM IST
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स्वामी चिदानंद और श्रीएम
- फोटो : Amar Ujala
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डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सेंटर की ओर से शनिवार को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम अवार्ड फॉर क्रिएटिंग लिवेबल प्लैनेट अर्थ 2019 परमार्थ निकेतन आश्रम, ऋषिकेश के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती और सत्संग फाउंडेशन के संस्थापक श्रीएम को दिया गया। मेमोरियल की ओर से पहली बार सोशल इंपैक्ट वर्ग के तहत हरभजन सिंह (होंडा), गीतांजलि (कट कथा) और के. अनिल कुमार (केसी पुलिया फाउंडेशन) को यह सम्मान मिला।
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एनडीएमसी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में नई दिल्ली की सांसद मीनाक्षी लेखी ने स्वामी चिदानंद सरस्वती और श्रीएम को अवार्ड देकर सम्मानित किया। इस मौके पर सृजन पाल सिंह द्वारा लिखित ‘रीइग्नाइटेड -2 : इमर्जिंग टेक्नोलॉजीज फॉर टुमारो’ का भी विमोचन किया गया। यह पुस्तक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और सृजन पाल सिंह द्वारा लिखी गई ‘इग्नाइटेड : साइंटिफिक पाथवेज टू ए ब्राइट फ्यूचर’ का पार्ट-2 है।
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इसके अलावा कलाम मूल्यों से प्रेरित 19 छात्र स्टार्टअप-उद्यमों को भी सम्मानित किया गया। एसटीईएम पाठ्यक्रम को भी लांच किया गया। यह पाठ्यक्रम नैनो टेक्नोलॉजी, एस्ट्रोबायोलॉजी और रोबोटिक्स जैसे भविष्य के उभरते विषयों पर आधारित हिंदी में तैयार किया गया पाठ्यक्रम है। आने वाले दिनों में यह पाठ्यक्रम देशभर के 600 सरकारी स्कूलों की लाइब्रेरी में रखा जाएगा, ताकि हिंदी व पिछड़े व गरीब परिवारों के विद्यार्थी इस पाठ्यक्रम के माध्यम से पढ़ाई करते हुए सफल हों। इस पाठ्यक्रम पर आधारित किताबें लाइब्रेरी में विद्यार्थियों को मुफ्त मिलेगी।
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इस मौके पर कलाम के सहयोगी रहे व कलाम सेंटर के प्रमुख सृजन पाल सिंह ने कहा कि डॉ. कलाम अपने ज्ञान के अंतिम पड़ाव में धरती को जीवनदायी कैसे बनाये, इसके बारे में सोच रहे थे। उनकी विचारधारा को आगे बढ़ाना ही हमारा उद्देश्य है। हमें पर्यावरण के साथ जल सरंक्षण भी करना है, ताकि आने वाली पीढ़ियां सुरक्षित हवा में सांस ले सकें।