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अदालत के कड़े रवैये के बाद एक घंटे में रिहा हुआ सुशील शर्मा

Sat, 19 Sep 2015 05:10 AM IST
Updated Sat, 19 Sep 2015 05:10 AM IST
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Sushil Sharma Was released after the court's strict attitude

तंदूर कांड मामले में उम्रकैद की सजा पाए सुशील कुमार शर्मा को दो दिन से पैरोल पर रिहा करने के आदेश का पालन न करने पर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताते हुए उपराज्यपाल के ओएसडी अजय चौधरी को तुरंत तलब कर लिया।

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अदालत के कड़े रवैये को देख चौधरी के अदालत में पहुंचने से पहले ही सुशील को जेल से रिहा कर दिया गया। ओएसडी ने कहा अमेरिका गए उपराज्यपाल को जगाकर रिहाई का आदेश लिया है।

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न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल ने 15 सितंबर को सुशील शर्मा को पैरोल पर रिहा करने का निर्देश दिया था। इतना ही नहीं अदालत ने सुशील के उस आवेदन पर भी विचार का निर्देश दिया था कि सजा की अवधि पूरी होने के पर उसे जेल से रिहा किया जाए।
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अदालत के आदेश के बावजूद सुशील को जेल से रिहा नहीं किया गया तो अदालत ने 16 व फिर 17 सितंबर को फटकार लगाते हुए उसे तुरंत रिहा करने का निर्देश जारी कर दिया।

नहीं हो रहा था कोर्ट के आदेश का पालन

Sushil Sharma Was released after the court's strict attitude

शुक्रवार को सुशील शर्मा के अधिवक्ता सुमित वर्मा ने न्यायमूर्ति बीडी अहमद की खंडपीठ के समक्ष अवमनाना याचिका दायर कर सुशील को तुरंत रिहा करने का निर्देश देने का आग्रह किया।


याचिका पर दोपहर बाद न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल के समक्ष सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता सुमित वर्मा ने जेल प्रशासन समेत अन्य लोगों पर कोर्ट की अवमानना की कार्रवाई करने की मांग की।

वर्मा ने तर्क रखा कि अदालत के आदेश के बाद भी जेल प्रशासन तीन दिन से शर्मा को रिहा नहीं कर रहा है। जबकि अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि जब तक उपराज्यपाल नजीब जंग सेंटेंस रिव्यू के तहत शर्मा की रिहाई पर कोई फैसला नहीं लेते तब तक बिना किसी शर्त तुरंत सुशील शर्मा को रिहा किया जाए।

आदेश के बाद किसी भी कैदी को जेल में रखना गैरकानूनी है

Sushil Sharma Was released after the court's strict attitude

दिल्ली सरकार के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि जेल प्रशासन से शर्मा की रिहाई के कागज तैयार हैं। उन्होंने कहा कि सेंटेंस रिव्यू बोर्ड याची की अर्जी पर फैसला कर चुका है और अब यह अर्जी उपराज्यपाल के पास विचाराधीन है और अब उन्हें इस पर निर्णय लेना है।


इस हालात में केवल यह कहा जा सकता है कि यह निर्णय शीघ्र लिया जाए। लेकिन उपराज्यपाल अभी अमेरिका में ऐसे में रिहाई नहीं हो पाई है। अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आदेश के बाद किसी भी कैदी को जेल में रखना गैरकानूनी है।

उन्होंने उपराज्यपाल के ओएडी को एक घंटे के भीतर अदालत में पेश होने का आदेश जारी कर दिया। शाम करीब चार बजे उपराज्यपाल के ओएसडी अजय चौधरी अदालत में पेश हुए। जिसके बाद अदालत को बताया गया कि अमेरिका में स्थित उपराज्यपाल को नींद से जगाकर सुशील शर्मा के रिहा होने के निर्देश ले लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सुशील शर्मा को जेल से रिहा कर दिया गया है।

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