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पूर्ण राज्य के हक में दिल्ली, 'साड्डा हक एत्थे रख'

Mon, 13 Jul 2015 09:21 PM IST
Updated Mon, 13 Jul 2015 09:21 PM IST
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survey: delhi in favour of full statehood

दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए जनमत संग्रह की तैयारी कर रही दिल्ली सरकार को सी-वोटर के एक सर्वे से संजीवनी मिली है। सर्वे के मुताबिक,81 फीसदी दिल्लीवासी पूर्ण राज्य के पक्ष में हैं।

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जबकि 19 फीसदी लोग इसके विरोध में हैं। खास बात यह कि सर्वे में  करीब 62 फीसदी भाजपा समर्थकों ने भी दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने की बात कही है।
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अलग-अलग जातियों, समुदायों, वर्गों के करीब तीन हजार लोगों पर किए गए सर्वे में से 80 फीसदी का मानना है कि इस मसले पर जनमत संग्रह जायज है।

वहीं,20 फीसदी लोगों ने जनमत संग्रह का विरोध किया है। वहीं जनमत संग्रह होने की हालत में 81 फीसदी लोगों का मानना है कि दिल्ली का पूर्ण राज्य का दर्जा मिलना चाहिए।
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92 फीसदी महिलाएं है पक्ष में

survey: delhi in favour of full statehood

खास बात यह कि आम आदमी पार्टी के 93 फीसदी समर्थक और 62 फीसदी भाजपा समर्थकों ने भी पूर्ण राज्य के दर्जे से सहमति जताई है। वहीं, 92 फीसदी महिलाएं और 73 फीसदी पुरुष चाहते हैं कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिले।


दूसरी तरफ पूर्ण राज्य मिलने के बाद प्रदेश सरकार की तरफ से बेहतर शासन और कानून व्यवस्था को लेकर लोगों की राय बंटी हुई है। 46 फीसदी को उम्मीद है कि पूर्ण राज्य मिलने पर सकारात्मक बदलाव आएगा।

वहीं, 26 फीसदी लोगों को ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है। जबकि 28 फीसदी का मानना है कि इससे राज्य में कोई बदलाव नहीं होने वाला है।

‘आप’ के साथ दिल्ली होगी बेहतर

survey: delhi in favour of full statehood

सर्वे के मुताबिक दिल्लीवासियों का भरोसा अभी भी आम आदमी पार्टी के साथ बना हुआ है। सर्वे में 48 फीसदी लोगों का मानना है कि ‘आप’ सरकार दिल्ली के बेहतरी के काम कर सकती है।

जबकि 30 फीसदी लोग केंद्र सरकार के साथ दिखे। करीब 63 फीसदी ‘आप’ समर्थकों ने माना कि मौजूदा सरकार को दिल्ली की सभी समस्याओं का समाधान कर सकती है। इस मामले में भाजपा समर्थकों का प्रतिशत 33 है।

सर्वे में लोगों ने माना कि जनमत संग्रह के नाम पर राज्य सरकार मौजूदा विवादों से दिल्लीवासियों का ध्यान भटकाना चाहती है। 59 फीसदी लोग इससे सहमत हैं।

वहीं, 41 फीसदी ने इससे असहमति जताई है। वहीं, 22 फीसदी लोगों का मानना है कि केंद्र व प्रदेश सरकार की जंग के बीच बेवजह समय का नुकसान हो रहा है।

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