{"_id":"9b7241c451fbd62393b5dca8ed685e3a","slug":"survey-again-to-send-dairies-out-of-city","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेयरी को शहर से बाहर करने के लिए फिर सर्वे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेयरी को शहर से बाहर करने के लिए फिर सर्वे
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Mon, 21 Jul 2014 01:25 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुड़गांव में डेयरियों को शहर से बाहर करने के लिए एक फिर से सर्वे कराया जा रहा है। नगर निगम ने शनिवार से चारों जोन में सर्वे शुरू करा दिया। अगले 10 दिनों में सर्वे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
विज्ञापन
वर्ष 2005 से डेयरियों को शहर से बाहर करने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसके लिए पहले खेड़की माजरा गांव में डेयरियों के लिए जगह चिन्हित की गई थी। इस जगह को विकसित करने की शुरूआत भी कर दी गई थी। लेकिन यहां खारा पानी होने और शहर से अधिक दूरी के कारण डेयरी मालिकों ने जाने से मना कर दिया।
विज्ञापन
मास्टर प्लान 2021 में डेयरियों को शहर से बाहर भेजने का प्रावधान किया गया है। योजना के अनुसार पहले डेयरी मालिकों को डेयरी के लिए प्लॉट अलॉट होंगे, उसके बाद चरणबद्ध तरीके से डेयरियों को शिफ्ट किया जाएगा।
विज्ञापन
दो बार हो चुका है सर्वे
डेयरियों के लिए पहले दो बार सर्वे कराया जा चुका है। पहले सर्वे में इनकी संख्या 351 दर्ज की गई। दूसरे सर्वे में यह संख्या घटकर 294 हो गई।
जोनवार डेयरियों की संख्या
जोन एक-----170
जोन दो-------63
जोन तीन-----36
जोन चार------15
यहां है डेयरियां
शहर में डेयरियां ओम नगर, शांति नगर, शिवजी पार्क, न्यू कॉलोनी, देवीलाल नगर, जैकमपुरा सहित कई स्थानों पर चल रही हैं। इससे आस पास के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों का आरोप है कि डेयरियों के कारण कॉलोनियों में गंदगी रहती है और सीवर आदि भी जाम रहते हैं।
160 करोड़ का है बजट
इस बार नगर निगम के बजट में डेयरियों को शहर से बाहर करने के लिए 160 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नगर निगम आयुक्त डॉ. प्रवीण कुमार ने उम्मीद जताई कि यह अंतिम सर्वे होगा। इसमें डेयरियों की संख्या कम भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि डेयरी प्रोजेक्ट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) दोबारा बनाई गई है। जल्दी ही इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने की योजना है।