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ईंधन में केरोसिन मिलाकर वाहन चलाने वालों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

Sat, 16 Nov 2019 05:36 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 16 Nov 2019 05:36 AM IST
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Supreme court strict on those who drive kerosene in fuel
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण के मुद्दे पर सुनवाई करते हुए ईंधन में केरोसिन मिलाकर चलाने वालों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाने का आदेश दिया। जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस दीपक मिश्रा की पीठ ने कहा कि तिपहिया, ट्रक समेत कई वाहन ऐसे भी हैं, जिनमें डीजल में केरोसिन मिलाया जाता है। ऐसे वाहनों से बहुत ज्यादा प्रदूषण होता है। 

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ऐसे वाहनों के चालक और मालिक को ही जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए बल्कि संबंधित अधिकारियों को भी जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। पीठ ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण कमेटी (डीपीसीसी) को ऐसे वाहनों का औचक निरीक्षण करने के लिए कहा है। सात दिनों के भीतर डीपीसीसी को इस संबंध में रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा है।  
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 सुनवाई के दौरान केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने पीठ को बताया कि इसको लेकर कदम उठाए जा रहे हैं। सीपीसीबी ने कहा कि दिल्ली के वायु प्रदूषण में कार की भूमिका महज तीन फीसदी है। जबकि ट्रक का आठ फीसदी, दोपहिया वाहनों का सात फीसदी और तिपहिया वाहनों का चार फीसदी योगदान है। सुनवाई के दौरान पीठ ने यह भी कहा कि क्यों नहीं अनिवार्य रूप से बीएस-छह मानकों वाले वाहनों की तय सीमा एक अप्रैल 2020 से पहले क्यों न कर दी जाए। 
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अधिकारियों के बैठक में न पहुंचने पर मंत्रालय की सफाई 
नई दिल्ली। केंद्रीय जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण मंत्रालय ने अधिकारियों के शहरी विकास मंत्रालय की स्थायी समिति की बैठक में शामिल नहीं होने पर सफाई दी है। मंत्रालय ने कहा कि शहरी विकास मंत्रालय की ओर से बैठक के लिए प्रतिनिधित्व मांगा गया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की वजह से सभी वरिष्ठ अधिकारी वहां मौजूद थे। इसके चलते मंत्रालय के प्रतिनिधित्व उपसचिव व सीपीसीबी के अधिकारियों ने किया। 


अब 20 को हो सकती है बैठक 
प्रदूषण के मुद्दे पर अधिकारियों व सांसदों के नहीं पहुंचे के बाद अब यह बैठक 20 नवंबर को हो सकती है। शहरी विकास मंत्रालय की स्थायी समिति के वरिष्ठ सदस्य ने बताया कि बैठक में पर्यावरण मंत्रालय के सचिव, डीडीए के उपाध्यक्ष और दिल्ली के तीनों नगर निगम के अधिकारी समेत कई प्रतिनिधि नहीं पहुंचे। इस वजह से प्रेजेंटेशन रद्द करना पड़ा। समिति में राज्यसभा से संजय सिंह, आरके सिन्हा,  वाईएस चौधरी, एमजे अकबर, कुमार केतकर, संजय धतात्रेय, अहमद हसन, जबकि लोकसभा से अब्दुल माजिद आरिफ, एसपी सिंह बघेल, संजय कुमार बंदी, कल्याण बनर्जी, रामचरण बोहरा हिबी ईडन, गौतम गंभीर शामिल हैं।

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